नवगछिया में 11-12 जनवरी की मध्य रात्रि में एक गर्भवती महिला के साथ हुए अमानवीय व्यवहार की जांच अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा प्रारम्भ करा दी गयी है। जिस दौरान उस गर्भवती महिला का नवजात पहला बच्चा नहीं बच पाया। जिसकी एक विभागीय जांच भागलपुर के एसीएमओ द्वारा भी की जा चुकी है। वैसे इस मामले को लेकर 20 जनवरी को धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम भी होने की सूचना मिली है।
जानकारी के अनुसार अनुमंडल पदाधिकारी नवगछिया अखिलेश कुमार द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच दल ने 15 जनवरी को अनुमंडलीय अस्पताल में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ0 बीपी मंडल सहित घटना के समय मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों से बयान लिया। इसके बाद 16 जनवरी को स्थानीय एक महिला चिकित्सक डॉ0 बीणा गुप्ता के निजी क्लिनिक पर पहुँच कर डॉ0 बीणा गुप्ता से बंद कमरे में पूछताछ की। वहीं मौके पर मौजूद इस क्लीनिक में इलाजरत प्रसूता पीड़ित महिला बुलबुल भारती, उसके पति संजय कुमार के अलावा महिला के अन्य परिजन के साथ साथ महिला की शल्य क्रिया करने वाले युवक, आशा कार्यकर्ता एवं अन्य लोगों के भी बयान को कलम बंद किया।