नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत गोपालपुर थाना क्षेत्र के पचगछिया बाजार में दवा व्यवसायी प्रदीप सिंह की हत्या पुलिस की अदूरदर्शिता के कारण ही मानी जा रही है | भले ही पुलिस उसे पुराने शराब व्यवसायी सतीश सिंह का दोस्त बता रही हो या मान रही हो | जिसकी भी हत्या इसी पचगछिया गाँव में ही लगभग छह माह पहले हुई है | लेकिन यह भी एक सच है कि सतीश सिंह और रुदल सिंह दोहरे हत्या कांड के दूसरे दिन से ही पचगछिया बाजार के पास ही एक पुलिस कैम्प भी स्थापित किया गया था | ताकि इस क्षेत्र में आगे कोई हत्या जैसी और कोई वारदात नहीं हो सके |
बावजूद इसके 2 अक्तूबर को दवा व्यवसायी प्रदीप सिंह की उसकी ही दवा दुकान पर सारे शाम और सारे आम अज्ञात अपराधियों द्वारा गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी गयी | जहां काफी नजदीक में ही वह पुलिस कैम्प भी है जिसे छह माह पहले स्थापित किया गया था | लेकिन हत्या की वारदात के समय उस पुलिस कैम्प में एक भी पुलिस कर्मी मौजूद नहीं था | घटना से महज कुछ ही समय पहले इस कैम्प के सभी पुलिस कर्मियों को गोपालपुर थाना के पुलिस अधिकारी द्वारा पास के अभिया गाँव में छापामारी के लिए अपने साथ ले जाया गया था |