परिसर को खाली कर लिया है. यह हमला किसने कराया, इस संबंध में अभी तक कोई जानकारी नहीं है. बोधगया के महाबोधि मंदिर के बाहर रविवार सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर पहला धमाका हुआ और इसके बाद लगातार चार और धमाके हुए. पुलिस ने धमाकों की पुष्टि करते हुए कहा है कि मंदिर सुरक्षित है.
गौरतलब है कि आईबी की तरफ से इस मंदिर पर हमला हो सकने की सूचना काफी समय से जारी की जा रही थी. इसी को ध्यान में रखते हुए इस मंदिर के मुख्य पुजारी ने हथियार की मांग भी की थी.
महाबोधि मंदिर में सुबह चार बजे से ही पूजा शुरू हो जाती है और यहां देश-विदेश से मौजूद बौद्ध भिक्षु जुटने लगते हैं.
बिहार के डीजीपी अभयानंद ने बताया है कि इस धमाके में दो लोग घायल हुए हैं। हादसे में घायल हुए बौद्ध भिक्षु में से एक तिब्बत का रहने वाला है जबकि दूसरा म्यांमार का रहने वाला है। इन दोनों को गया मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
महाबोधि मंदिर में धमाके की खबर मिलने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गया के लिए रवाना हो रहे हैं। पटना से बोधगया की दूरी करीब 110 किलोमीटर है।
धमाकों के बाद बोधगया के लिए एनआईए की टीम रवाना हो गई है। बताया जा रहा है कि धमाकों के पीछे आतंकवादियों के हाथ से अभी इनकार नहीं किया जा सकता है।
बीबीसी की खबर
महाबोधि मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव एन दोरजी ने बीबीसी हिंदी को बताया, "धमाके से धुंआ बहुत फैल गया. लेकिन मंदिर परिसर को कोई नुकसान नहीं हुआ है, इससे लगता है कि बम लो इंटेंसिटी के थे."
दोरजी के मुताबिक सबसे पहला धमाका मंदिर परिसर के अंदर स्थित बोधि वृक्ष से सटे चबूतरे के पास हुआ. एक दूसरा धमाका मंदिर के अंदर दीप प्रज्वलित करने की जगह स्थित एक एंबुलेंस में हुआ.
इन धमाकों में दो लोगों के घायल होने की सूचना है, इसमें एक बर्मी बौद्ध पुजारी है. जबकि दूसरा मंदिर परिसर के अंदर काम करने वाला एक स्थानीय है.
सुबह के वक्त मंदिर परिसर में ज़्यादा भीड़ भाड़ नहीं होने से किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है. मंदिर परिसर में किसी तरह के नुकसान की कोई ख़बर नहीं है.
धमाकों में दो घायल
जबकि मंदिर परिसर के बाहर करीब आधे किलोमीटर के दायरे में चार अन्य धमाके हुए.मंदिर परिसर के बाहर स्थित भगवान बुद्ध की 80 फीट ऊंची प्रतिमा के पास भी धमाका हुआ है. इसी जगह से एक जिंदा बम बरामद किया गया है. उसे निष्क्रय किया जा रहा है.
तीन अन्य धमाके महाबोधि मंदिर से सटे कर्मपा मंदिर के पास हुए हैं.
हादसे के बाद स्थानीय पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच चुकी है. मंदिर परिसर को बुरी तरह खाली करा लिया गया है. मामले की तहकीकात जारी है.
पहले मिली थी धमकी
करीब दस पहले बिहार सरकार को आईबी ने इस बात की जानकारी दी थी कि कुछ संदिग्ध लोग महाबोधि मंदिर को निशाना बना सकते हैं.इसके बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी.
लेकिन दस दिनों तक कुछ नहीं होने की स्थिति में लगता है कि लापरवाही हुई. इसका फायदा उठाते हुए संदिग्धों ने मंदिर परिसर को निशाना बना लिया है.
आईबी की सूचना के मुताबिक राज्य के दूसरे भीड़ भाड़ वाले इलाकों को भी निशाने बनाने की कोशिश की जा सकती है.
स्थानीय विधायक हरि मांझी ने बीबीसी हिंदी को बताया,"यह पूरी तरह से प्रशासनिक लापरवाही के चलते हुआ है, जब पहले से ही धमकी मिल रही थी तो मंदिर के अंदर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए थी."
धमाकों के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को तलब किया है. वे पुलिस के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं. नीतीश कुमार महाबोधि मंदिर का दौरे पर निकल रहे हैं.
उधर गृह मंत्रालय ने भी राज्य सरकार से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है.
