मनरेगा की मजदूरी को 138 रुपये से बढ़ा कर 162 रुपये किया जाएगा। इससे
राज्य सरकार को प्रतिवर्ष लगभग चार सौ करोड़ का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा।
इस सिलसिले में राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखा है।
राज्य में श्रम संसाधन विभाग ने न्यूनतम मजदूरी की दर 162 रुपये तय कर रखी है, जबकि मनरेगा में पहली अप्रैल से मजदूरी की संशोधित दर लागू की गयी है। जो 138 रुपये प्रतिदिन है।
सूत्रों के अनुसार इस विसंगति को देखते हुए राज्य सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में आने वाले अंतर को वहन करने का निर्णय लिया है। ग्रामीण विकास मंत्री नीतीश मिश्र ने 15 अप्रैल को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश को पत्र लिखकर इस तरफ उनका ध्यान दिलाते हुए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया था।
राज्य में श्रम संसाधन विभाग ने न्यूनतम मजदूरी की दर 162 रुपये तय कर रखी है, जबकि मनरेगा में पहली अप्रैल से मजदूरी की संशोधित दर लागू की गयी है। जो 138 रुपये प्रतिदिन है।
सूत्रों के अनुसार इस विसंगति को देखते हुए राज्य सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में आने वाले अंतर को वहन करने का निर्णय लिया है। ग्रामीण विकास मंत्री नीतीश मिश्र ने 15 अप्रैल को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश को पत्र लिखकर इस तरफ उनका ध्यान दिलाते हुए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया था।
