भागलपुर पुलिस ने साइबर कैफे की आड़ में चल रहे नकली वोटर आइकार्ड, विश्वविद्यालय प्रमाणपत्र तथा फर्जी प्रमाणपत्र बनाने के एक बड़े
नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जिसके लिए पुलिस ने आदमपुर
थाना क्षेत्र के घंटाघर चौक के समीप स्थित चंद्रलोक काम्प्लेक्स में लगभग आधा दर्जन दुकानों में
छापेमारी की।
जानकारी के अनुसार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर तीन थानों की पुलिस ने गुरुवार को इनमें से तीन दुकानों से नकली वोटर आइकार्ड, 30 से अधिक मोहर, विश्वविद्यालय से जारी होने वाले एमए के सादे प्रमाणपत्र, तीन कंप्यूटर, सीपीयू, माउस, फोटो आदि जब्त किए हैं। पुलिस ने फर्जीवाड़े एवं धोखाधड़ी के आरोप में खरमनचक स्थित आबकारी गोदाम के समीप रहने वाले दुकान संचालक गौरीशंकर पांडेय, उसके इंगलिश खानपुर बाथ में रहने वाले कर्मचारी कृष्ण कुमार एवं लोदीपुर के तहबलपुर गांव निवासी दशरथ मंडल को मौके से गिरफ्तार कर लिया है।
आदमपुर के थानाध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा के बयान पर इस फर्जीवाड़े में संलिप्त चारों संचालकों के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने निर्वाचन आयोग के हस्ताक्षर, महादेव सिंह कॉलेज के प्राचार्य सहित अन्य कई मुहरें भी बरामद की हैं।
जानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में छात्र नकली आइकार्ड बनवा कर स्थानीय चौहान कोचिंग संस्थान के कोचिंग क्लास में बैठने लगे थे। इंस्टीट्यूट में पकड़े गए उन छात्रों ने बताया कि वे लोग चंद्रलोक काम्प्लेक्स स्थित दुकानों से आसानी से 40 रुपये में कोचिंग संस्थान का आइकार्ड बनवा लेते हैं। इसे देखते संस्थान के संचालक संजय चौहान की सूचना पर पुलिस मुख्यालय ने मामले को गंभीरता से लिया और एसएसपी को जांच के आदेश दिए। एसएसपी राजेश कुमार के निर्देश पर आदमपुर के थानाध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा, तातारपुर के थानाध्यक्ष संजय कुमार विश्ववास तथा इशाकचक के दरोगा राजेश कुमार व हरेंद्र सिंह ने करीब दो घंटे तक काम्पलेक्स स्थित छह से अधिक दुकानों को खंगाला।
इस दौरान मौके पर पहुंची सिटी डीएसपी वीणा कुमारी के नेतृत्व में काम्पलेक्स की दूसरी मंजिल पर चल रहे ट्रीट नामक रेस्टोरेंट में भी पुलिस ने जांच की। वहां कैंडिल लाइट की मद्धिम रोशनी देखकर डीएसपी ने उसके संचालक को रेस्टारेंट में बेहतर प्रकाश व्यवस्था का निर्देश दिया। छापेमारी के दौरान करीब एक दर्जन साइबर कैफे के संचालक दुकान को खुली छोड़कर फरार हो गए थे। पूछताछ में दशरथ मंडल ने स्वीकार किया है कि अबतक वह 40 रुपये लेकर 300 से अधिक मैट्रिक एवं इंटर के फर्जी प्रमाणपत्र बना चुका है।
जानकारी के अनुसार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर तीन थानों की पुलिस ने गुरुवार को इनमें से तीन दुकानों से नकली वोटर आइकार्ड, 30 से अधिक मोहर, विश्वविद्यालय से जारी होने वाले एमए के सादे प्रमाणपत्र, तीन कंप्यूटर, सीपीयू, माउस, फोटो आदि जब्त किए हैं। पुलिस ने फर्जीवाड़े एवं धोखाधड़ी के आरोप में खरमनचक स्थित आबकारी गोदाम के समीप रहने वाले दुकान संचालक गौरीशंकर पांडेय, उसके इंगलिश खानपुर बाथ में रहने वाले कर्मचारी कृष्ण कुमार एवं लोदीपुर के तहबलपुर गांव निवासी दशरथ मंडल को मौके से गिरफ्तार कर लिया है।
आदमपुर के थानाध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा के बयान पर इस फर्जीवाड़े में संलिप्त चारों संचालकों के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने निर्वाचन आयोग के हस्ताक्षर, महादेव सिंह कॉलेज के प्राचार्य सहित अन्य कई मुहरें भी बरामद की हैं।
जानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में छात्र नकली आइकार्ड बनवा कर स्थानीय चौहान कोचिंग संस्थान के कोचिंग क्लास में बैठने लगे थे। इंस्टीट्यूट में पकड़े गए उन छात्रों ने बताया कि वे लोग चंद्रलोक काम्प्लेक्स स्थित दुकानों से आसानी से 40 रुपये में कोचिंग संस्थान का आइकार्ड बनवा लेते हैं। इसे देखते संस्थान के संचालक संजय चौहान की सूचना पर पुलिस मुख्यालय ने मामले को गंभीरता से लिया और एसएसपी को जांच के आदेश दिए। एसएसपी राजेश कुमार के निर्देश पर आदमपुर के थानाध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा, तातारपुर के थानाध्यक्ष संजय कुमार विश्ववास तथा इशाकचक के दरोगा राजेश कुमार व हरेंद्र सिंह ने करीब दो घंटे तक काम्पलेक्स स्थित छह से अधिक दुकानों को खंगाला।
इस दौरान मौके पर पहुंची सिटी डीएसपी वीणा कुमारी के नेतृत्व में काम्पलेक्स की दूसरी मंजिल पर चल रहे ट्रीट नामक रेस्टोरेंट में भी पुलिस ने जांच की। वहां कैंडिल लाइट की मद्धिम रोशनी देखकर डीएसपी ने उसके संचालक को रेस्टारेंट में बेहतर प्रकाश व्यवस्था का निर्देश दिया। छापेमारी के दौरान करीब एक दर्जन साइबर कैफे के संचालक दुकान को खुली छोड़कर फरार हो गए थे। पूछताछ में दशरथ मंडल ने स्वीकार किया है कि अबतक वह 40 रुपये लेकर 300 से अधिक मैट्रिक एवं इंटर के फर्जी प्रमाणपत्र बना चुका है।