चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के मौके पर 11 अप्रैल गुरुवार से कई मंदिरों एवं घरों में कलश स्थापना के साथ साथ चैती नवरात्र प्रारम्भ हो गया | इस मौके पर नवगछिया शहर में भी दो जगहों पर चैती दुर्गा की प्रतिमा भी स्थापित करने की तैयारी प्रारम्भ हो गयी |
एक तो शहीद टोला स्थित चैती दुर्गा मंदिर में और दूसरे नयाटोला स्थित चैती दुर्गा मंदिर में | इन दोनों जगहों पर कलश स्थापना के साथ पूजा पाठ की सभी तैयारियां आज से प्रारम्भ कर दी गयी है | इसके साथ ही पूरा वातावरण भक्तिमय बन चुका है |
नवगछिया के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पं0 शिव शंकर ठाकुर के अनुसार चैती यानी वासंतिक नवरात्र में हम शक्ति की उपासना मां के रूप में करते हैं। गुरुवार से शुरू हो रही इस साल की पहली नवरात्र कई मायनों में बहुत खास है। इस दौरान सूर्य अपनी उच्च राशि में आ जाएगा और मंगल भी अपनी ही राशि में आ जाने से बलशाली हो जाएगा। इस नवरात्र में सूर्य और मंगल दोनों का राशि बदलना खास रहेगा। चैत्र नवरात्रि में दो ग्रहों का बली होना और शुभ योग का बनना दुर्लभ होता है। नवरात्र पूरे नौ दिनों तक रहेगी। इन दिनों में कोई तिथि क्षय नहीं होगी।
एक तो शहीद टोला स्थित चैती दुर्गा मंदिर में और दूसरे नयाटोला स्थित चैती दुर्गा मंदिर में | इन दोनों जगहों पर कलश स्थापना के साथ पूजा पाठ की सभी तैयारियां आज से प्रारम्भ कर दी गयी है | इसके साथ ही पूरा वातावरण भक्तिमय बन चुका है |
नवगछिया के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पं0 शिव शंकर ठाकुर के अनुसार चैती यानी वासंतिक नवरात्र में हम शक्ति की उपासना मां के रूप में करते हैं। गुरुवार से शुरू हो रही इस साल की पहली नवरात्र कई मायनों में बहुत खास है। इस दौरान सूर्य अपनी उच्च राशि में आ जाएगा और मंगल भी अपनी ही राशि में आ जाने से बलशाली हो जाएगा। इस नवरात्र में सूर्य और मंगल दोनों का राशि बदलना खास रहेगा। चैत्र नवरात्रि में दो ग्रहों का बली होना और शुभ योग का बनना दुर्लभ होता है। नवरात्र पूरे नौ दिनों तक रहेगी। इन दिनों में कोई तिथि क्षय नहीं होगी।
