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गंगा को अविरल, निर्मल,व प्रदूषण मुक्त बनाने के अभियान में शामिल हों - उमा

गंगा भारत की पहचान है। भारत माता का प्राण है। सर्वधर्म समभाव की प्रतीक है। मुस्लिमों के लिए भी गंगा पाक जल है। गंगा के साथ लगातार खिलवाड़ हो रहा है। हम लोग विकास की अंधी दौड़ में शामिल हैं। इस होड़ में लोग लगातार गंगा को अपवित्र कर रहे हैं। मगर, अब इसकी रक्षा करने की बारी है। यह 50 करोड़ लोगों को रोजगार दे रही है। केंद्र सरकार से इसे अमूल्य धरोहर घोषित करने के लिए
संसद में कानून बनाने की मांग की है। इसके लिए सभी दलों के प्रमुख नेताओं से मिल चुकी हूं। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार से भी मिल चुकी हूं। सिर्फ केंद्र सरकार इस दिशा में पहल करे तो गंगा को प्रदूषण से मुक्ति मिल जाएगी। यह कहना था भाजपा नेत्री और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री साध्वी उमा भारती का। वे बुधवार को अपनी गंगा समग्र यात्रा के दौरान भागलपुर में मौजूद थीं। जिला स्कूल के प्रांगण में आयोजित जनसभा में रिमझिम फुहारों के बीच 40 मिनट के भाषण में उमा ने कहा, इस अभियान को सभी दलों का समर्थन प्राप्त है। गंगोत्री से गंगा सागर तक गंगा को निर्मल बनाने का संकल्प लेकर निकली हूं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया, वे दो दिसंबर को गंगा को अविरल, निर्मल व प्रदूषण मुक्त बनाने के अभियान में शामिल हों।
उमा ने कहा, देश की जीडीपी बढ़े, यह गर्व की बात है। विकास ऐसा हो, सबको शिक्षा, रोटी और रोजगार मिले। अभी 15 फीसद लोगों को ही सुविधा और साधन उपलब्ध हैं। संविधान में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया है। मगर, शासन-प्रशासन लोगों के साथ भेदभाव करता है। हमें ऐसी व्यवस्था नहीं चाहिए। अमीर को सुख और गरीब को जेल नहीं चाहिए। 15 फीसद लोग अपराध करते हैं तो वे अपराधी नहीं कहलाते। शासन-प्रशासन के लोग उन्हें अपने साथ बिठाते हैं। ये विसंगतियां दूर करनी होंगी। इस अभियान में सभी दलों की भागीदारी जरूरी है।
जनसभा में ंस्वास्थ्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, सांसद शाहनवाज हुसैन, संघ परिवार के पवन गुप्ता, गंगा समग्र अभियान के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा भी मौजूद थे। धन्यवाद ज्ञापन विष्णु शर्मा ने दिया।