दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को केंद्रीय कैबिनेट में संभावित तौर पर शामिल किए जाने को लेकर कांग्रेस पार्टी से संकेत मिले हैं। सूत्रों ने बताया कि दीक्षित को कुछ महीनों पहले पार्टी की ओर से केंद्र में नई जिम्मेदारी के बारे में संकेत दिया गया। दीक्षित ने स्वयं इस संबंध में पूछे गए सवालों को टालते हुए कहा कि जब तक कुछ हो नहीं जाता
वह कुछ कह नहीं सकतीं। तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी दीक्षित ने कहा कि इस संबंध में फैसला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी लेंगी और वह पार्टी के निर्देशों का पालन कर खुश होंगी। उन्होंने कहा कि यह पार्टी आलाकमान को तय करना है। अगर ऐसे फैसले लिए जाते हैं तो मेरे पास कोई विकल्प नहीं होगा। अटकलें हैं कि मुझे केंद्र में भेजा जाएगा। मुझे जो भी कहा जाएगा उसका मैं पालन करूंगी।
सोनिया गांधी के मेडिकल बिल को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर दीक्षित ने कहा कि यह बेहद अरुचिपूर्ण था। राजनीति में किसी को व्यक्तिगत हमले नहीं करने चाहिए। मैं इसे वाकई में अरुचिपूर्ण मानती हूं। यह पूछे जाने पर कि क्या केजरीवाल की पार्टी का दिल्ली में कांग्रेस पर असर होगा उन्होंने कहा कि इस पर प्रतिक्रिया देना अभी बहुत मुश्किल है। अभी अनुमान लगाना मुश्किल है। उनकी पार्टी को गठित होने दीजिए।
वह कुछ कह नहीं सकतीं। तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी दीक्षित ने कहा कि इस संबंध में फैसला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी लेंगी और वह पार्टी के निर्देशों का पालन कर खुश होंगी। उन्होंने कहा कि यह पार्टी आलाकमान को तय करना है। अगर ऐसे फैसले लिए जाते हैं तो मेरे पास कोई विकल्प नहीं होगा। अटकलें हैं कि मुझे केंद्र में भेजा जाएगा। मुझे जो भी कहा जाएगा उसका मैं पालन करूंगी।
सोनिया गांधी के मेडिकल बिल को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर दीक्षित ने कहा कि यह बेहद अरुचिपूर्ण था। राजनीति में किसी को व्यक्तिगत हमले नहीं करने चाहिए। मैं इसे वाकई में अरुचिपूर्ण मानती हूं। यह पूछे जाने पर कि क्या केजरीवाल की पार्टी का दिल्ली में कांग्रेस पर असर होगा उन्होंने कहा कि इस पर प्रतिक्रिया देना अभी बहुत मुश्किल है। अभी अनुमान लगाना मुश्किल है। उनकी पार्टी को गठित होने दीजिए।
