जहां पहले बारात के साथ दूल्हा जाते था और शादी की सारी रश्म पूरी कर दुल्हन को साथ लेकर आते थे। अब इस आर्थिक युग में खर्चो की कटौती करते हुए मामला बिल्कुल उलटा चल पड़ा है। फिलहाल ज्यादातर लड़के अब अपने ही शहरों में रहते है और दुल्हन पक्ष के लोग दुल्हन को लेकर लड़के के शहर में आकर शादी की रश्म पूरी कर दुल्हन को लड़के के पास छोड़ जाते है। इस प्रकार की शादी में बारातियों को बारात का आनंद बिल्कुल ही नहीं मिल पाता। हां शादियां जरूर हो जाती है।