बीएलएस कॉलेज नवगछिया में अंतर-महाविद्यालय सांस्कृतिक महोत्सव 'उत्कर्ष 2026' का हुआ भव्य आगाज
टीएमबीयू में करीब 20 साल बाद हो रहा है यह आयोजन
3 अप्रैल को होगा समापन, 9 इवेंट के लिए 30 से अधिक कॉलेजों के छात्र-छात्राएँ ले रहें हैं प्रतियोगिता में भाग
राजेश कानोड़िया, नवगछिया। तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय वार्षिक अंतर-महाविद्यालय सांस्कृतिक प्रतियोगिता 'उत्कर्ष 2026' का गुरुवार को बीएलएस कॉलेज नवगछिया के प्रांगण में अत्यंत उत्साह और भव्यता के साथ शुभारंभ हुआ। जहां समारोह के उद्घाटनकर्ता व मुख्य अतिथि तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा और परम पूज्य परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उदघाटन समारोह की अध्यक्षता अगमानंद महाराज ने ही की।
उद्घाटन सत्र की मुख्य कड़ियाँ :
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:30 बजे अतिथियों के आगमन और कुलपति को 'गार्ड ऑफ ऑनर' देने के साथ हुई। इसके पश्चात तीन मंजिलें भवन और बिलिस विभाग का उद्घाटन आगंतुक अतिथियो के द्वारा किया गया और मंच पर गणमान्य अतिथियों का बैज लगाकर स्वागत किया गया।
बनारसी लाल सर्राफ महाविद्यालय के सचिव व टीएमबीयू के सिंडीकेट सदस्य डॉ मृत्युंजय सिंह गंगा ने अपने स्वागत भाषण से कार्यक्रम में मौजूद सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। डॉ मृत्युंजय सिंह गंगा ने कहा कि शिलान्यास से मात्र 8 महीने में ही नये बिल्डिंग का उद्घाटन हो रहा है। इसी बिल्डिंग में लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई अगले सत्र से शुरू होगी। विश्वविद्यालय ने इसके लिए अनुमति प्रदान की है। सुदूर दियारा क्षेत्र में भी इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है। सुदूर के जो सम्बद्ध महाविद्यालय हैं वहाँ भी बड़े आयोजन हो सकते हैं। बीएलएस को इस प्रकार के कार्यक्रम की मेजबानी देने के लिए उन्होंने कुलपति का आभार जताया।
टीएमबीयू के प्रभारी कुलपति प्रो. बिमलेन्दु शेखर झा ने अपने संबोधन में इस तरह के भव्य आयोजन की सराहना की और अपने निर्णय को उचित बताया और कहा बनारसी लाल सर्राफ वाणिज्य महाविद्यालय के द्वारा इस कार्यक्रम को होस्ट के रूप में उनके द्वारा दिया जाना उनका सही निर्णय था। उन्होंने खिलाड़ियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया और बढ़ चढ़कर प्रस्तुति देने के लिए प्रोत्साहित किया। कुलपति प्रो. झा ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए इस तरह का आयोजन काफी जरुरी है। शहरी इलाकों के साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कॉलेजों मे भी आयोजन कराये जायेंगे। ग्रॉस इनरोलमेंट रेशिओ बढ़ाने में सम्बद्ध महाविद्यालय का बड़ा योगदान है। ऐसे आयोजन ग्रामीण इलाकों की प्रतिभा को निखारने का मार्ग प्रशस्त करता है। यहाँ के छात्रों की प्रतिभा कुछ इनोवेशन के साथ निकले, अच्छी टीम बने। केवल भागीदारी के लिए टीम नहीं बने बल्कि विभिन्न विधाओं में खिलाडी पारितोषिक लेकर आएं। विश्वविद्यालय का नाम रोशन करें। विश्वविद्यालय के लिए अच्छी टीम का चयन करें इसका ध्यान रखें। दूसरे विश्वविद्यालय में यहाँ की टीम बेहतर परफॉरमेंस कर सके। इससे छात्रों का कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है। साथ ही एक दूसरे की संस्कृति को भी छात्र-छात्राएँ जान सकेंगे। इससे राष्ट्र एकीकरण का भाव जागृत होगा। सम्बद्ध महाविद्यालय की बड़ी भूमिका है, विद्यार्थियों को बेहतर मंच प्रदान करती है।
उन्होंने कहा की विश्वविद्यालय में छात्र हित के लिए किसी भी तरह के फंड की कमी नहीं है। टीम बाहर खेलने जाती है तो विश्वविद्यालय के लिए कुछ उपलब्धि लेकर आएं। विश्वविद्यालय में जहाँ कहीं भी करप्शन की खबर मिलती है वहाँ मेरे द्वारा तुरंत कार्रवाई की जाती है। कुलपति ने भव्य आयोजन के लिए आयोजन समिति विशेषकर बीएलएस कॉलेज के सचिव व सिंडीकेट सदस्य डॉ. मृत्युंजय सिंह गंगा को बधाई दिया।
बिहपुर के विधायक ई. शैलेन्द्र ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि बिहपुर क्षेत्र में स्थित कॉलेजों में भी इस तरह के आयोजन होने चाहिए। इन क्षेत्रों में स्थित महाविद्यालयों के कायाकल्प के लिए भी उन्होंने कुलपति से अनुरोध किया। मौके पर मौजूद सिंडीकेट सदस्य डॉ. शंभु दयाल खेतान ने कहा कि आयोजन ऐतिहासिक है। नगर परिषद नवगछिया के सभापति प्रेम सागर ने कहा कि बीएलएस कॉलेज आज इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा का परचम लहरा रहा है। यह आयोजन युवा ऊर्जा, प्रतिभा और सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव है। कलाकारों को अपनी प्रतिभा निखारने का मंच है। एमएलसी विजय सिंह ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि महाविद्यालय के विकास के लिए जब भी उन्हें याद किया जाएगा वे हमेशा आगे रहेंगे। मालूम हो की महाविद्यालय पहुँच पथ का भी निर्माण एमएलसी विजय सिंह के फंड से ही कराया गया है जिसका भी उद्घाटन समारोह के दौरान किया गया।
इस अवसर पर युवा महोत्सव उत्कर्ष-2026 के स्मारिका का विमोचन कुलपति और परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज सहित अन्य सभी अतिथियों के द्वारा किया गया। कुलसचिव प्रो. रामाशीष पूर्वे के साथ बिहपुर के माननीय विधायक ई.शैलेन्द्र ने अपने संबोधन से छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
उद्घाटन सत्र का समापन अध्यक्ष स्वामी आगमानंद महाराज जी के पावन आशीर्वाद के साथ हुआ। परमहंस स्वामी अगमानन्द जी महाराज ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन के माध्यम से छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना बनती है, यह एक उतप्रेरक का कार्य करता है। यह निरंतर बनी रहे, छात्र-छात्राएँ जीवन के अपने पथ पर आगे बढ़ते रहें।
मंच संचालन क्रीड़ा परिषद के सचिव डॉ संजय कुमार जायसवाल और धन्यवाद ज्ञापन सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्ष सह संकायाध्यक्ष छात्र-कल्याण प्रो. अर्चना कुमारी साह के द्वारा किया गया। वहीं सांस्कृतिक परिषद के सचिव डॉ राहुल कुमार ने दो दिवसीय कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। युवा महोत्सव उत्कर्ष-2026 को सफल बनाने के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.दिनकर अचार्या सहित महाविद्यालय के तमाम शिक्षकगण, कर्मचारी और एनसीसी और एनएसएस के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
प्रतिभाओं का संगम:
उद्घाटन समारोह के बाद विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का दौर शुरू हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों से आए प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया:
शास्त्रीय नृत्य (Solo Classical Dance): में 20 महाविद्यालयों के प्रतिभागियों ने अपनी मनमोहक मुद्राओं से भारतीय संस्कृति की झलक पेश की।
गायन प्रतियोगिता: एकल गायन थीम बेस में 25 महाविद्यालयों के प्रतिभागियों ने गजल, भजन, सूफी और देशभक्ति गीतों से समां बांध दिया।
एकल अभिनय (Solo Mine): मूक अभिनय के माध्यम से सामाजिक संदेश और हास्य का बेहतरीन प्रदर्शन किया गया।
वादन प्रतियोगिता (Solo Instrumental): सितार, गिटार, बांसुरी और तबला वादन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। फोक डांस में 21 महाविद्यालयो ने भाग लिया। सोलो माइन और सोलो इंस्ट्रूमेंटल में अपेक्षाकृत कम महाविद्यालय ने भाग लिया।
ज्यूरी मेंबर के रूप में एसएम कॉलेज भागलपुर की प्राचार्य प्रो. निशा झा, प्रो. नीलिमा, डॉ. सपना, डॉ. नीतू, डॉ. प्रज्ञा राय, प्रियंका सहित तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के विभिन्न पीजी विभाग, कल और संगीत के शिक्षक और महाविद्यालयों के दर्जनों शिक्षक मौजूद रहे।
अनुशासन और उल्लास:
छात्र कल्याण अध्यक्ष ने सभी छात्र-छात्राओं को अनुशासन के साथ कार्यक्रम में भाग लेने का निर्देश दिया। पूरे दिन परिसर में उत्सव का माहौल रहा और विभिन्न टीमों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। कार्यक्रम का यह सिलसिला दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहेगा, जिसमें कई अन्य विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी और विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
इस अवसर पर विधान पार्षद (एमएलसी) विजय कुमार सिंह, बिहपुर के विधायक ई. शैलेन्द्र कुमार, प्रतिनिधि नगर परिषद नवगछिया प्रेम सागर उर्फ डब्लू यादव, जदयू जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार कुशवाहा, सिंडिकेट सदस्य डॉ. शंभू दयाल खेतान, डा. के.के.मंडल, विश्वविद्यालय के सभी संकायाध्यक्षों में प्रो. सुदामा यादव, प्रो. रंजना दुबे, प्रो. शिव शंकर मंडल, महाविद्यालय के प्राचार्यो में प्रो. दीपो महतो, प्रो.संजय झा, प्रो.निशा झा, वित्त पदाधिकारी ब्रज किशोर प्रसाद, पीआरओ डा. दीपक कुमार दिनकर सहित संबद्ध महाविद्यालय के प्राचार्यो में डॉ. अरविंद सिंह, डॉ. प्रदीप सिंह, डॉ. महेंद्र प्रसाद सिंह, सदस्य वित्त समिति डॉ. मुजफ्फर अहमद, डा.शिशुपाल भारती, मंदार विद्यापीठ के अध्यक्ष अरविंदम माडम्वट, मान सिंह आदि उपस्थित रहे।
इसके पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति सहित अन्य अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। अतिथियों का स्वागत बैंड-बाजे और पुष्प वर्षा के साथ हुआ। सभी अतिथियों को अंग वस्त्र, प्रतीक चिन्ह और पुष्प गुच्छ भेंट कर किया गया।