सौर ऊर्जा से चलने वाला फोल्डिंग स्कूटर, इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर में लोगों को आकर्षित कर रहा है। इसकी खासियत यह है कि इसे जब मर्जी आप फोल्ड करके ट्राली वैग के रूप में हाथ में लेकर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप व मार्केट में कहीं भी टहल सकते हैं। उसके बाद फोल्डिंग खोलते ही स्कूटर फिर से चलने के लिए तैयार है। बस बैठिए और फुर्र हो जाइए।
स्कूटर को साइकिल के रूप में ढाला गया है। इसमें स्कूटर के तमाम उपकरणों को समायोजित किया गया है। ताइवान में यह स्कूटर ग्रीन ट्रेड परियोजना द्वारा प्रमाणित है। स्कूटर को अफ्रीकी व यूरोपीय देशों में काफी सराहा जा रहा है।
उत्पादक टॉनी लीन भारत में भी जल्द ही इस स्कूटर का निर्माण किसी निर्माता कंपनी से कांट्रैक्ट कर बाजार में उतारने की तैयारी कर रहे हैं।
हरियाली को ध्यान में रख कर बनाया स्कूटर
ताइवान के स्कूटर निर्माता ने ग्रीन ट्रेड परियोजना को ध्यान में रख कर स्कूटर का निर्माण किया है। स्कूटर देखने में साइकिल जैसा है। अगले हिस्से में डायनेमो, बैक लाइट, मेडीगार्ड, शॉकर, इलेक्ट्रानिक स्विच स्टार्ट, इंडीकेटर लगाया है। स्कूटर का कुल वजन दस किलोग्राम है। एक बार चार्ज होने पर स्कूटर 50 से 155 किलोमीटर की दूरी तय करता है। यह 150 किलो का भार लेकर मानक के अनुरूप गति से दौड़ सकता है। इसमें 20एच व 24 वीडीसी की बैट्री लगी है, जो सौर ऊर्जा से दो घंटे में फुल चार्ज हो जाती है।
आकर्षक डिजाइन व फोल्डिंग विकल्प
स्कूटर को साइकिल के रूप में फोल्डेबल बनाया गया है। बीच के हिस्से से स्कूटर फोल्ड हो जाता है। इसे आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जा सकते हैं। साइकिल के रूप में बनाई गई स्कूटर की चीन, जापान व ताईवान के बाजार में जबरदस्त मांग हैं। साइकिल के तीन मॉडल तीनों देशों के बाजार में तेजी से पैठ बना रहे हैं। स्कूटर के निर्माता तीन साल के वारंटी विकल्प भी ग्राहकों को दे रहे हैं। खास बात है कि यह पूरी तरह से इको फ्रैंडली है।
