आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर नजीब जंग से मुलाकात करके कांग्रेस के समर्थन से दिल्ली में नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। केजरीवाल ने कहा कि उनके प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के पास भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री बनने जा रहे केजरीवाल ने कहा कि वह और उनके मंत्री रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण करेंगे।
'जनमत संग्रह' से मिले पॉजिटिव रुझानों के बाद पहले ही तय हो गया था कि 'आप' सरकार बनाने जा रही है। लेकिन, सोमवार को पार्टी के राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक में इसपर मुहर लग गई। इसके बाद केजरीवाल ने लेफ्टिनेंट गवर्नर से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। शपथ की तारीख को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल जब कहेंगे हम तैयार हैं। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद शपथ ग्रहण का दिन और वक्त तय किया जाएगा।
इससे पहले हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से हुई बातचीत के दौरान केजरीवाल ने कहा कि सरकार बनाने के बाद उनकी प्राथमिकता होगी कि वह वीआईपी कल्चर खत्म हो। न तो कारों पर लाल बत्तियां लगी होंगी और न ही हूटर। उनके मंत्री भी दिल्ली के लुटियंस जोन में मिलने वाले कमरों के बजाय अपने घरों में ही रहेंगे। इसके साथ ही घरों को 700 लीटर पानी फ्री देने और बिजली कंपनियों का ऑडिट कराने का वादा पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हम कोशिश करेंगे के दिल्ली के लोगों को असली स्वराज दिया जाए। अरविंद केजरीवाल का कहना है कि शपथ ग्रहण समारोह राजघाट, जंतर-मंतर या रामलीला मैदान में किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि लेफ्टिनेंट गवर्नर से बात करने के बाद ही तय किया जाएगा कि कहां पर शपथ ग्रहण की जाएगी।
केजरीवाल का कहना है कि हम कांग्रेस का समर्थन नहीं लेना चाहते थे। अगर किसी बात को लेकर कांग्रेस समर्थन वापस लेती है तो हम चाहेंगे कि दोबारा चुनाव हों। जब तक हमारी सरकार चलेगी, हम कोशिश करेंगे कि अपने ज्यादा से ज्यादा वादे पूरे कर सकें। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनावों से पहले हमारे पास 6 महीने हैं। उस दौरान मैं पार्टी के लिए कैंपेनिंग करने में बिजी रहूंगा। ऐसे में आने वाले दिन चुनौती से भरे होंगे। देखना पड़ेगा कि सब कैसे मैनेज होगा।
कहा जा रहा है कि सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद नई सरकार का गठन बुधवार या गुरुवार तक हो पाएगा। केजरीवाल पहले ही साफ कर चुके हैं कि कुछ वादों को तो सरकार बनने के कुछ ही घंटों के अंदर पूरा करके दिखा देंगे। उनका कहना था कि घोषणापत्र में किया गया हर वादा पूरी तरह प्रैक्टिकल है। उन्हें पूरा करना असंभव नहीं है। जनलोकपाल बिल पर उन्होंने कहा कि इसे 29 दिसंबर तक पास करना तो संभव नहीं होगा, लेकिन सरकार बनने के 10 दिन के अंदर इस बिल को पास कर दिया जाएगा।
