ताजा समाचार :

6/Posts/ticker posts

कांग्रेस छोड़ AAP के पास पहुंचीं अलका लांबा, राहुल गांधी को पानी पी-पी कर कोसा


कांग्रेस की युवा नेता अलका लांबा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने दिल्‍ली विधान सभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करने वाली आम आदमी पार्टी 'आप' में शामिल होने की इच्छा जताई है। अलका ने इस सिलसिले में 'आप' के वरिष्‍ठ नेता योगेंद्र यादव से मुलाकात की। अलका ने पार्टी छोड़ने की घोषणा करते वक्‍त कांग्रेस हाईकमान पर जमकर भड़ास निकाली और कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी को भी खरी-खोटी सुनाई। उन्‍होंने कहा- मैंने कांग्रेस को कई साल दिए, लेकिन वहां कोई मेरी बात सुनने को भी तैयार नहीं है। अब मुझे लगता है कि कांग्रेस में सारे फैसले बंद दरवाजों में लिए जाते हैं। 
 
अलका ने कहा कि कांग्रेस में जमीनी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जरा अहमियत भी नहीं दी जाती है। उनकी बात तक सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा- मैंने कई बार राहुल गांधी से मिलने की कोशिश की। मैंने तीन साल तक उनके साथ मुलाकात की कोशिश की। उन्‍हें कई चिट्ठी भी लिखीं, लेकिन किसी ने उन पर गौर नहीं किया। जब अलका से पूछा गया कि ऐसा क्‍यों हुआ तो उन्‍होंने कहा- शायद यह सत्ता का नशा है। दिल्ली में हम 15 साल सत्ता में रहे और देश पर राज करते हुए 10 साल गुजर चुके हैं, ऐसे में शायद इन बातों पर ध्यान देने का उन्‍हें होश ही नहीं रहा।
कांग्रेस पर जमकर बरसीं अलका
 
एक टीवी चैनल से बातचीत में अलका ने कहा- मेरे लिए देश सबसे पहले है, देश की जनता सबसे पहले है, लेकिन इस बात का अफसोस रहेगा कि पिछले 15 साल मैं कांग्रेस के लिए काम करती रही, जबकि मुझे उसे देश के लिए खर्च करना चाहिए था। अलका ने कांग्रेस की ओर से आम आदमी पार्टी को दिए गए समर्थन पर भी सवाल उठाए। उन्‍होंने कहा कि इस बारे में कार्यकर्ताओं को विश्वास में नहीं लिया गया। ने कहा कि कांग्रेस में कुछ लोग हैं, जो बंद कमरों में बैठकर फैसले ले लेते हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी कोई भी निर्णय लेने से पहले जनता से संवाद करती है। आपको बता दें कि अलका लांबा एनएसयूआई की अध्‍यक्ष भी रह चुकी हैं। 
असम रेप पीडि़त के नाम का खुलासा कर दिया था अलका ने
 
कांग्रेस छोड़ने वाली अलका लांबा पिछले दिनों असम की रेप पीडि़त का नाम सार्वजनिक कर विवादों में घिर गई थीं। इसके कारण उन्हें राष्ट्रीय महिला आयोग से इस्तीफा देना पड़ा था। अलका लांबा 1995 में दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष बनने के बाद चर्चा में आई थीं। दो साल बाद उन्हें कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया था। वह महिला कांग्रेस, दिल्ली कांग्रेस और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में कई प्रमुख पदों पर रह चुकी हैं।