दीपावली के मौके पर नवगछिया शहर की छटा देखते ही बनती है। जहां लगभग पचास वर्षों से दीपावली के मौके पर पूरे शहर की दुकानों के आगे केला के गाछ लगाए जाते हैं। इसी केला के गाछ में बत्ती के सहारे दीपों को सजाया और प्रज्वलित किया जाता है। जो सचमुच एक अनोखी छटा बिखेरते हुए पूरा नवगछिया शहर केला नगरी में तब्दील लगता है। मानों यह कोई शहर नहीं केवल केला का बगान ही है।
नवगछिया शहर में दीपावली के दिन सुबह से ही सारे दुकानदार अपने अपने दुकान के लिए कम से कम दो अथवा चार केला के गाछ खरीदने को निकाल पड़ते हैं। जो मजदूरों द्वारा नवगछिया शहर में ही आसानी से मोल भाव कर खरीदे जाते हैं। इसके बाद शुरू हो जाता है उसे व्यवस्थित करने का काम। जिसे बाद में सजाया भी जाता है।