बिहार मौसम विभाग ने राज्य में चेतावनी जारी करते हुए कहा कि उत्तरी व पूर्वी इलाकों में सितंबर के दूसरे सप्ताह में भारी बारिश हो सकती है, जो राज्य के लिए आफत बन सकती है। विभाग ने शुक्रवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने की संभावना है जिससे उत्तर बिहार के सभी क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के इस चेतावनी के बाद राज्य सरकार ने उससे निपटने की तैयारी भी शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने सभी जिलों को अलर्ट भी कर दिया है। राज्य सरकार ने इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार से एडीआरएफ (राज्य आपदा प्रबंधन कोष) की और टुकडि़यां मांगी है।
राज्य में पिछले एक सप्ताह से सभी नदियां उफान पर हैं और गंगा ने तो विकराल रूप धारण कर लिया है जिससे गंगा कि किनारे वाले क्षेत्रों में पानी भर गया है। कोशी और गंडक के साथ सहायक नदियां भी खतरे से ऊपर बह रही हैं।
बिहार में अगस्त महीने तक ऐसा प्रतीत हो रहा था कि राज्य में इस बार सूखा पड़ने वाला है जिससे किसानों की फसलें बर्बाद होने की ज्यादा संभावना व्यक्त की जा रही थी। सितंबर माह के शुरू होते ही माघ ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया और कुल 6 दिनों में अब तक राज्य में 130 प्रतिशत से भी ज्यादा बारिश हो चुकी है। इस कारण गंगा सहित सभी नदियों ने भी अपना विकराल रूप धारण कर लिया है और राज्य के निचले इलाकों सहित ऊपरी इलाकों में तबाही मचा रही हैं।
राज्य सरकार के अनुसार राज्य में नदियों के जलस्तर में थोड़ी गिरावट हो रही है, मगर उत्तराखंड तबाही तथा 1978 में हुई राज्य में बाढ़ से तबाही को देखते हुए राज्य सरकार किसी भी तरह की कोताही बरतने के मुड़ में नहीं है।
