बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्य चलाया जा रहा है. आपदा प्रबंधन एवं जिले के पदाधिकारी बाढ़ राहत कार्यो में मुस्तैदी से लगे हुये हैं. बक्सर से कहलगांव तक गंगा का पानी निकलना शुरू हो गया है. हालांकि दियारा में पानी फैला हुआ है पर लोग वहां से निकलना नहीं चाहते हैं.
ये बातें मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित पटना, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, भागलपुर, कटिहार, भोजपुर, सारण, वैशाली एवं बक्सर जिलों का हवाई सर्वेक्षण के बाद पटना हवाई अड्डे पर कहीं.
उन्होंने कहा कि दो दिन पहले मौसम विभाग ने आगाह किया कि अगले सप्ताह नेपाल एवं उत्तरी बिहार के इलाके में भारी वर्षा होगी, इससे निपटने के लिए पूरी तैयारी शुरू कर दी गयी है.
उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव अशोक कुमार सिन्हा अपने स्तर से सभी जिलाधिकारियों के साथ बाढ़ राहत एवं भारी वर्षा से उत्पन्न होने वाली स्थितियों की तैयारी की समीक्षा करेंगे, इससे निपटने के लिए सरकार एहतियात के तौर पर तैयार है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी राज्य में सूखे की स्थिति बनी हुई है. पिछले दिनों हुई वर्षा से फसलों की स्थिति में सुधार हुआ है. सरकार की पूरी कोशिश होगी कि फसलों को बचाया जाय.
फसलों को बचाने के लिए चार पटवन के लिए सरकार डीजल सब्सिडी देगी. ग्रामीण इलाकों में निरंतर आठ घंटे तक बिजली की आपूर्ति होगी.
आपदा प्रबंधन विभाग एवं एनडीआरएफ अपना काम कर रही है. एनडीआरएफ की और बटालियनों की मांग की गयी है. मंगलवार को हम खुद बाढ़ एवं राहत कायरे की समीक्षा करेंगे और क्षति का आकलन कर केन्द्र सरकार को सूचित करेंगे. विशेष राज्य के दर्जा के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ था.
यूएन चार्टर में हर व्यक्ति को विकास का अधिकार है. विकास की प्राप्ति के लिये विशेष राज्य का दर्जा एक रास्ता हो सकता है. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को विशेष राज्य का दर्जा देने का निर्णय लेना चाहिये. बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के जिला पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा भिजवाने और लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिये.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी अपने क्षेत्र में गृह एवं फसल क्षति का आकलन कर समय पर गृह क्षति अनुदान का भुगतान करें एवं रबी की बुआई के पहले कृषि इनपुट सब्सिडी का भुगतान करें.
बाढ़ समाप्ति के बाद संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए कार्रवाई करे. सभी जिलों में पर्याप्त दवाइयां, ब्लींचिंग पाउडर एवं गैमेक्सिंग पाउडर का भंडारण करा लिया जाय ताकि उनका उपयोग ससमय हो सके.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन ब्यासजी ने बताया कि हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पाया कि बाढ़ का पानी काफी घट गया है.
जमीन दिखाई देने लगी है किन्तु मौसम विभाग ने बताया है कि नेपाल के तटवर्ती जिलों में सितम्बर के दूसरे सप्ताह में भारी वर्षा हो सकती है. मौसम विभाग की सूचना पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भारी वर्षा के कारण संभावित बाढ़ से निपटने के लिये जिला एवं सभी संबंधित विभागों के स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य की पूरी तैयारी कर ली जाय.
ये बातें मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित पटना, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, भागलपुर, कटिहार, भोजपुर, सारण, वैशाली एवं बक्सर जिलों का हवाई सर्वेक्षण के बाद पटना हवाई अड्डे पर कहीं.
उन्होंने कहा कि दो दिन पहले मौसम विभाग ने आगाह किया कि अगले सप्ताह नेपाल एवं उत्तरी बिहार के इलाके में भारी वर्षा होगी, इससे निपटने के लिए पूरी तैयारी शुरू कर दी गयी है.
उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव अशोक कुमार सिन्हा अपने स्तर से सभी जिलाधिकारियों के साथ बाढ़ राहत एवं भारी वर्षा से उत्पन्न होने वाली स्थितियों की तैयारी की समीक्षा करेंगे, इससे निपटने के लिए सरकार एहतियात के तौर पर तैयार है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी राज्य में सूखे की स्थिति बनी हुई है. पिछले दिनों हुई वर्षा से फसलों की स्थिति में सुधार हुआ है. सरकार की पूरी कोशिश होगी कि फसलों को बचाया जाय.
फसलों को बचाने के लिए चार पटवन के लिए सरकार डीजल सब्सिडी देगी. ग्रामीण इलाकों में निरंतर आठ घंटे तक बिजली की आपूर्ति होगी.
आपदा प्रबंधन विभाग एवं एनडीआरएफ अपना काम कर रही है. एनडीआरएफ की और बटालियनों की मांग की गयी है. मंगलवार को हम खुद बाढ़ एवं राहत कायरे की समीक्षा करेंगे और क्षति का आकलन कर केन्द्र सरकार को सूचित करेंगे. विशेष राज्य के दर्जा के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ था.
यूएन चार्टर में हर व्यक्ति को विकास का अधिकार है. विकास की प्राप्ति के लिये विशेष राज्य का दर्जा एक रास्ता हो सकता है. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को विशेष राज्य का दर्जा देने का निर्णय लेना चाहिये. बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के जिला पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा भिजवाने और लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिये.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी अपने क्षेत्र में गृह एवं फसल क्षति का आकलन कर समय पर गृह क्षति अनुदान का भुगतान करें एवं रबी की बुआई के पहले कृषि इनपुट सब्सिडी का भुगतान करें.
बाढ़ समाप्ति के बाद संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए कार्रवाई करे. सभी जिलों में पर्याप्त दवाइयां, ब्लींचिंग पाउडर एवं गैमेक्सिंग पाउडर का भंडारण करा लिया जाय ताकि उनका उपयोग ससमय हो सके.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन ब्यासजी ने बताया कि हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पाया कि बाढ़ का पानी काफी घट गया है.
जमीन दिखाई देने लगी है किन्तु मौसम विभाग ने बताया है कि नेपाल के तटवर्ती जिलों में सितम्बर के दूसरे सप्ताह में भारी वर्षा हो सकती है. मौसम विभाग की सूचना पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भारी वर्षा के कारण संभावित बाढ़ से निपटने के लिये जिला एवं सभी संबंधित विभागों के स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य की पूरी तैयारी कर ली जाय.
