नवगछिया स्थित व्यवहार न्यायालय के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अभिजीत कुमार की अदालत ने नगर
पंचायत चुनाव के दौरान गलत शपथ पत्र देने के आरोप मे एक प्रस्तावक को दो वर्ष की सजा सुनाई।
जानकारी के अनुसार नगर पंचायत नवगछिया का 2012 में चुनाव हुआ था। जिसमें वार्ड नंबर 6 की विजयी प्रत्याशी तारा खातून के प्रस्तावक मनियामोर निवासी मो. अफाक खान ( पिता मो० शमशाद खान ) ने गलत शपथ पत्र दिया था। साथ ही शपथ पत्र में तथ्यों को छुपाया भी गया था। शपथ पत्र में उन्होंने कहा था कि चार अप्रैल 2008 के बाद मुझे कोई संतान नहीं हुई है। जबकि मो. अफाक खान की पत्नी ने अनुमंडल अस्पताल में नौ सितंबर 2011 को बालक को जन्म दिया था।
उपरोक्त मामले में घटना की अंचल पदाधिकारी नवगछिया से जांच कराने के बाद निर्वाची पदाधिकारी सह कार्यपालक दंडाधिकारी नवगछिया सुन्दरवास कुमारी ने नवगछिया थाना मे काण्ड संख्या 109/12 के तहत उक्त प्रस्तावक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी । जिसके तहत सत्र वाद संख्या 630/12 में सुनवाई करते हुए प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अभिजीत कुमार की अदालत ने भारतीय दंड विधान की धारा 181 व बिहार नगरपालिका अधिनियम 447 (सी) के अन्तर्गत उसे दोषी पाया। जिसके फलस्वरूप भारतीय दंड विधान की धारा 181 के तहत दो वर्ष कारावास की सजा एंव दो हजार रुपया आर्थिक जुर्माना लगाया। साथ ही बिहार नगरपालिका अधिनियम 447 सी के तहत एक वर्ष का कारावास की सजा सुनायी। इस मामले के सहायक अभियोजन पदाधिकारी राम चन्द्र ठाकुर के अनुसार सभी सजायें साथ साथ चलेंगी .
जानकारी के अनुसार नगर पंचायत नवगछिया का 2012 में चुनाव हुआ था। जिसमें वार्ड नंबर 6 की विजयी प्रत्याशी तारा खातून के प्रस्तावक मनियामोर निवासी मो. अफाक खान ( पिता मो० शमशाद खान ) ने गलत शपथ पत्र दिया था। साथ ही शपथ पत्र में तथ्यों को छुपाया भी गया था। शपथ पत्र में उन्होंने कहा था कि चार अप्रैल 2008 के बाद मुझे कोई संतान नहीं हुई है। जबकि मो. अफाक खान की पत्नी ने अनुमंडल अस्पताल में नौ सितंबर 2011 को बालक को जन्म दिया था।
उपरोक्त मामले में घटना की अंचल पदाधिकारी नवगछिया से जांच कराने के बाद निर्वाची पदाधिकारी सह कार्यपालक दंडाधिकारी नवगछिया सुन्दरवास कुमारी ने नवगछिया थाना मे काण्ड संख्या 109/12 के तहत उक्त प्रस्तावक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी । जिसके तहत सत्र वाद संख्या 630/12 में सुनवाई करते हुए प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अभिजीत कुमार की अदालत ने भारतीय दंड विधान की धारा 181 व बिहार नगरपालिका अधिनियम 447 (सी) के अन्तर्गत उसे दोषी पाया। जिसके फलस्वरूप भारतीय दंड विधान की धारा 181 के तहत दो वर्ष कारावास की सजा एंव दो हजार रुपया आर्थिक जुर्माना लगाया। साथ ही बिहार नगरपालिका अधिनियम 447 सी के तहत एक वर्ष का कारावास की सजा सुनायी। इस मामले के सहायक अभियोजन पदाधिकारी राम चन्द्र ठाकुर के अनुसार सभी सजायें साथ साथ चलेंगी .
