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60 लाख उपभोक्ताओं के एलपीजी कनेक्सन होंगे बंद

घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की सीमित संख्या किए जाने के फेर में रसोई गैस की कालाबाजारी करने वाले पर नकेल कस गई है.

लिहाजा ऐसे 60 लाख उपभोक्ताओं को अपने घरेलू एलपीजी कनेक्शनों से हाथ धोना पड़ेगा. दरअसल 1 जून से इन एलपीजी गैस कनेक्शनों को बंद कर दिया जाएगा.
एक से अधिक एलपीजी कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं को अपने पते और कनेक्शन के बारे में सही जानकारी देने के लिए कई महीने का समय दिया था. लेकिन संदेह के घेरे में आए इन उपभोक्ताओं ने अपने डीलरों को जानकारी नहीं दी.
अंतत: मार्च से इन उपभोक्ताओं को गैरघरेलू और गैरसब्सिडी वाले एलपीजी कनेक्शनों की श्रेणी में डाल दिया गया था. अब 1 जून से इन कनेक्शनों को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा.
केंद्र सरकार की ओर से गत वर्ष घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की गणना किए जाने के निर्णय के बाद से एक से अधिक एलपीजी कनेक्शनों को रखने वाले उपभोक्ताओं के डाटा जुटाकर तेल कंपनियों ने घेराबंदी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. इसके पीछे कारण यह था कि एक तो वास्तविक घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं का पता लगाना और दूसरे सरकार की ओर से एलपीजी सिलेंडरों पर दी जा रही सब्सिडी का बोझ कम करना था.
इसके लिए इंडियन ऑयल, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम कंपनियों ने आपस में अपने यहां के दर्ज घरेलू एलपीजी कनेक्शनों की आंतरिक रूप से जांच की. जांच और केवाईसी प्रक्रिया के बाद 2.56 करोड़ घरेलू एलपीजी कनेक्शन संदेह के घेरे में आए. केवाईसी और सत्यापन में करीब एक करोड़ 90 लाख एलपीजी कनेक्शनों के बारे में सही जानकारी मिल गई.
सूत्रों के मुताबिक इस गहन जांच प्रक्रिया के बाद शेष बचे करीब 60 लाख घरेलू एलपीजी कनेक्शनों के संबंध में सही जानकारी न मिलने पर इन कनेक्शनों को मार्च में नॉन सब्सिडी व नॉन डोमेस्टिक केटेगरी में डाल दिया है. साथ ही इन उपभोक्ताओं को तीन माह की मोहलत दी गई थी कि यदि 31 मई तक की अवधि में अपने एलजीपी कनेक्शनों की सही जानकारी अपने डीलरों को दें.
लेकिन अभी तक इनकी ओर से सही जानकारी डीलरों को नहीं मिली है. यदि 10 दिनों के भीतर ऐसे चिह्नित कनेक्शनों के संबंध में जानकारी नहीं मिली तो इन कनेक्शनों को 1 जून से बंद (ब्लाक) कर दिया जाएगा.