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अखाड़ों ने की महाकुंभ के समापन की घोषणा

कुंभ मेला क्षेत्र की छावनी में धार्मिक अनुष्ठान के बाद रविवार को पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के महंतों, साधुओं ने भी कुंभ के समापन की घोषणा की और काशी की ओर रवाना हो गए। अब काशी में सचिवों का चुनाव किया जाएगा।
इससे पहले अखाड़े की छावनी में बने ‘बंगले’ पर ‘चांदला’ की परंपरा पूरी की गई। चांदला के तहत नए चुने गए श्रीमहंतों को तिलक लगाकर जिम्मेदारी सौंपी गई।

जूना पहले ही समापन की घोषणा कर चुका है। हालांकि कल्पवासी मेला क्षेत्र में मौजूद हैं।
महंत लखन गिरि और महंत नीलकंठ वन की देखरेख में तीर्थपुरोहितों ने अखाड़े के अष्टकौशल के आठों श्रीमहंतों रवींद्र पुरी, दिनेश गिरि, प्रीतम गिरि, प्रेम गिरि, धर्मराज भारती, ममलेश्वर पुरी, डोंगर गिरि और नरेंद्र गिरि तथा आठों उपमहंतों को तिलक लगाकर नई जिम्मेदारी सौंपी।
आराध्य से सर्वमंगल के पूजन के बाद एक गिरि और एक पुरी महंतों ने चांदला के बाद पंडाल से बाहर निकल धर्मध्वजा की तनी (रस्सी) ढीली करते हुए अखाड़े की तरफ से कुंभपर्व के समापन की घोषणा की।
अखाड़े की परंपरा की अगली कड़ी में मठ बाघंबरी गद्दी में ‘कढ़ी पकौड़ा’ का भोग लगाने के बाद सभी संतों-महंतों ने सामूहिक रूप से प्रसाद ग्रहण किया। आवाहन अखाड़े की छावनी में भी कढ़ी पकौड़ा के बाद तनी ढीली करते हुए समापन की घोषणा की गई।
महाकुंभ में बीमारियों का डेरा
वसंत पंचमी बीतने के साथ बारिश के कहर से महाकुंभ मेले में बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। हर तरफ गंदगी और शिविरों में बारिश का पानी भरने के कारण बड़ी संख्या में कल्पवासी और उनके रिश्तेदार उल्टी-दस्त, बुखार, सर्दी, खांसी के शिकार हैं। बारिश की वजह से शिविरों के बाहर बने सेफ्टिक टैंक फुल हो गए। जन शौचालय ठप है। ऐसे में प्रदूषित पानी बीमारियों को न्योता दे रहा है।
महाकुंभ में इधर कुछ दिनों से औसतन रोज 10 हजार से ज्यादा मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे थे। वसंत पंचमी के बाद मेले में भीड़ कम होने के बावजूद भारी बारिश ने मरीजों की संख्या बढ़ा दी। जबरदस्त बारिश ने कल्पवासियों के शिविरों को पानी-पानी कर दिया।
कई घंटे तक भीगे रहने से अब वे सर्दी-बुखार की चपेट में हैं। रविवार को जोनल अस्पतालों और सेंट्रल हॉस्पिटल में तीन हजार से ज्यादा मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार के आए। रविवार को सेंट्रल हॉस्पिटल और पुलिस चिकित्सालय में डेढ़ सौ से ज्यादा बीमार पुलिसकर्मियों ने दवाएं लीं।