ताजा समाचार :

6/Posts/ticker posts

अजित सरकार हत्याकांड पर फैसला सुरक्षित

-पटना हाईकोर्ट में पूरी हुई सुनवाई
''सीबीआई की अदालत ने विधायक अजित कुमार सरकार, अशफाक आलम एवं हिरेन्द्र शर्मा की हत्या के लिए पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, विधायक राजन तिवारी एवं अनिल तिवारी को ही मुख्य आपराधी माना। निचली अदालत ने 14 फरवरी 2008 को पारित फैसले में तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में क्रिमिनल अपील दायर की गयी थी। अभियोजन पक्ष की ओर कहा गया कि 14 जून 1998 को साढ़े चार बजे हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। इसको लेकर पूर्णिया के हाट पीएस केस नं.976/1998 दर्ज है। ''
पटना हाइकोर्ट ने विधायक अजित सरकार हत्याकांड में लगभग एक माह तक सुनवाई करने के बाद मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। न्यायाधीश वीएन सिन्हा एवं न्यायाधीश एके लाल की खंडपीठ ने सजायाफ्ता के वकील, सूचक के वकील एवं सीबीआई के वकील को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय दिया।
बचाव पक्ष की ओर से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह का कहना था कि इस घटना में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था। सिर्फ परिस्थितिजन्य साक्ष्य और स्वीकारोक्ति बयान पर किसी को आजीवन कारावास की सजा नहीं सुनाई जा सकती है, जबकि सीबीआई की ओर से अपर सालिसीटर जनरल राकेश कुमार खन्ना एवं बिपिन कुमार सिन्हा का कहना था कि हत्या के बाद पप्पू यादव एवं राजन तिवारी के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई । इसके अलावा तीन आई विटनेस भी हैं, जो सजा दिलाने के लिए पर्याप्त हैं।