कानपुर पुलिस ने लंबी तफ्तीश के बाद एक बड़ी
कामयाबी हासिल की है। अवैध तरीके से लिंग परीक्षण करवाने और गर्भ गिराने
के आरोप में शनिवार शाम पुलिस ने शहर के सात नामी अस्पतालों पर छापेमारी
की। अचानक छापेमारी से अस्पतालों में हड़कंप मच गया। लेकिन इस रेड में
पुलिस खाली हाथ नहीं लौटी।
3 डॉक्टर, 2 नर्स और 1 वॉर्ड बॉय को गिरफ्तार कर लिया गया है।
3 डॉक्टर, 2 नर्स और 1 वॉर्ड बॉय को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कानपुर
पुलिस ने शनिवार शाम को एकाएक शहर के 7 अस्पतालों पर अपना शिकंजा कस दिया।
कोई कुछ समझ पाता उससे पहले कोख के कत्ल के आरोपी हथकड़ियों में जकड़े जा
चुके थे। आरोप है कि 7 अलग-अलग अस्पताल के डॉक्टर और कुछ कर्मचारी पैसों की
खातिर कोख में ही बेटियों का कत्ल कर रहे थे। दरअसल इस मामले की भनक पुलिस
को काफी पहले लग गई थी, जब एक समाजसेवी संस्था ने पुलिस को इसकी खबर दी
थी। लेकिन पुलिस के पास कोई सबूत नहीं था। लिहाजा पुलिस ने समाजसेवी संस्था
को सातों अस्पतालों का स्टिंग ऑपरेशन करने को कहा। समाजसेवी संस्था ने
फौरन ये काम शुरू कर दिया। जब स्टिंग ऑपरेशन खत्म हुआ तो पूरी तस्वीर साफ
हो चुकी थी।
समाजसेवी संस्था के स्टिंग ऑपरेशन में इन सभी अस्पतालों के डॉक्टर और
कर्मचारियों ने दावा किया वो लिंग परीक्षण के अलावा गर्भपात भी करा देंगे।
इसके बाद शनिवार शाम पुलिस की अलग अलग टीमों ने एक साथ 7 अस्पतालों और
क्लीनिक पर छापा मारा। ये अस्पताल थे। कल्याणपुर इलाके का कन्हैया
हॉस्पिटल, काकादेव इलाके का रतनदीप हॉस्पिटल, विनायक माथुर क्लीनिक, अनुराग
हॉस्पिटल, संदीप अल्ट्रासाउंड सेंटर, सुशीला हॉस्पिटल, बर्रा इलाके का मां
शकुंतला देवी चैरिटेबल हॉस्पिटल और स्वरुप नगर का मधुराज हॉस्पिटल।
पुलिस की तफ्तीश अभी भी जारी है। पुलिस के मुताबिक इस मामले में अगर और नाम
सामने आए तो उनकी भी गिरफ्तारी होगी। साथ ही पुलिस पकड़े गए आरोपियों पर
ऐसी कड़ी धारा लगाने की कोशिश कर रही है जिससे इनके बचने के रास्ते बंद हो
जाएं। यकीनन ये पुलिस और समाजसेवी संगठन के लिए एक बड़ी कामयाबी है। लेकिन
अभी ये कामयाबी अधूरी है क्योंकि इस बड़े रैकेट की कुछ मछलियां ही पुलिस के
हत्थे चढ़ हैं। पुलिस को शक है कि मामले में और कई बड़े नाम शामिल हैं।
यानि गिरफ्तारियों का सिलसिला अभी रुकनेवाला नहीं दिख रहा।
