
यहां एक स्वास्थ्य सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मुखर्जी ने कहा कि
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार केवल 35 फीसदी लोगों की ही आवश्यक दवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच है।
एैसोचैम द्वारा आयोजित 10वें ज्ञान सहस्त्राब्दी शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति ने कहा, जन स्वास्थ्य व्यवस्था का व्यापक पैमाने पर विस्तार किया जाना चाहिए और इसे राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान की जानी चाहिए। हमें परिवारों को उनकी देहरी पर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने 11वीं योजना के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यय को 1. 2 फीसदी से बढ़ाकर 2017 तक सकल घरेलू उत्पाद का 2.5 फीसदी करने की योजना बनाई है।
मुखर्जी ने कहा, 13वीं योजना की समाप्ति तक सरकार की स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में जीडीपी का तीन फीसदी खर्च करने की योजना है। उन्होंने राज्य और केंद्र स्तर पर स्वास्थ्य विभागों में प्रबंधनात्मक और प्रशासनिक सुधारों के लिए लीक से हटकर काम करने की जरूरत पर बल दिया। सूचना और संचार तकनीक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं।