भागलपुर का कार्य क्षेत्र तय करने के लिए कमेटी गठन करने का निर्णय
भागलपुर रेल मंडल कार्यालय के कार्य क्षेत्र को तय करने के लिए रेलवे बोर्ड ने तीन सदस्यीय कमेटी गठन करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय गुरुवार को बोर्ड के अधिकारियों व पूर्व रेलवे और मालदा रेल मंडल के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में लिया गया।
सूत्रों ने बताया कि बैठक में
भागलपुर रेल मंडल कार्यालय के अधीन सोनपुर, आसनसोल व मालदा रेल मंडल के क्षेत्र को जोड़ने की बात हुई। गठित कमेटी को क्षेत्र तय करना है। साथ ही मालदा रेल मंडल के डीआरएम आरके गुप्ता को अपने स्तर से रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया है।
सूत्रों का कहना है कि सोनपुर रेल मंडल के अधीन पड़ने वाले खगड़िया से नवगछिया, आसनसोल के गोड्डा व दुमका, मालदा रेल मंडल का क्षेत्र बड़हरवा से किऊल तक को भागलपुर रेल मंडल के अधीन करने की बात चल रही है। जमीन को लेकर बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई। मालूम हो कि स्थानीय सांसद सह भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने रेलमंत्री पवन बंसल से मुलाकात कर भागलपुर व इसके आसपास की जमीन पर रेल मंडल कार्यालय का निर्माण कराने की बात कही थी। भागलपुर के आसपास रेलवे की सौ एकड़ से अधिक जमीन खाली पड़ा हुआ है।
सूत्रों ने बताया कि आने वाले दो-तीन वर्षो में मालदा रेल मंडल का क्षेत्र काफी बढ़ा हो जाएगा। जिसका कंट्रोल करना मालदा रेल मंडल के बस में नहीं होगा। आने वाले वर्षो में सुल्तानगंज से बांका, सुल्तानगंज से कटोरिया, बांका से मननपुर, बरियारपुर से मननपुर, पीरपैंती से गोड्डा रेलवे लाइन का निर्माण होना है। मुंगेर-खगड़िया के बीच निर्माण कार्य चल रहा है। यहां यह बता दें कि अभी किऊल, बांका, हंसडीहा तक ट्रेनों का कंट्रोल मालदा रेल मंडल कार्यालय से किया जाता है।
