भ्रष्टाचार के लगातार आरोपों
से परेशान और लंबी जद्दोजहद के बाद मिशन 2014 के तहत रविवार को
आखिरकार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपनी सरकार का चेहरा बदलने जा रहे हैं। विदेश मंत्री कृष्णा समेत
सात मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं। इससे साफ है कि फेरबदल बड़े स्तर पर होगा।
सिर्फ सत्ता ही नहीं, संगठन में भी बड़े पैमाने पर बदलाव किया जा सकता है।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी नए मंत्रियों को आज 11:30 बजे शपथ दिलाएंगे। इसके साथ ही राहुल गांधी की टीम का भी प्रमोशन हो जाने की पुरी संभावना है।
यूपीए सरकार में व्यापक फेरबदल के तहत मनमोहन सिंह कई नए चेहरों के
साथ 2014 के आम चुनाव तक नई पारी खेलने के लिए तैयार होंगे। उनकी टीम में
कई पुराने चेहरों का महत्व कायम रखा गया है, वहीं कई अन्य के मंत्रालयों पर
गाज गिर गई है।
मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नए चेहरों में मनीष तिवारी
(पंजाब), चिरंजीवी (आंध्र), रानी नारा (असम), दीपा दास मुंशी (बंगाल), के.
सुरेश (केरल), शशि थरूर (केरल) और अबु हसन खान चौधरी (पश्चिम बंगाल) शामिल
हैं। वहीं पुराने चेहरों में पवन बंसल, सीपी जोशी, अश्विनी कुमार और कमल
नाथ को नई जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। युवा सांसदों में सचिन पायलट ,
मिलिंद देवड़ा, पुरंदेश्वरी देवी को बड़ी भूमिका के लिए आगे लाया जा रहा
है। वहीं संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव शुक्ला को एक और मंत्रालय के
प्रभार से नवाजा जाएगा।
सूचना और प्रसारण मंत्री के पद से इस्तीफा दे चुकी अंबिका सोनी को
संगठन में गुलाम नबी आजाद की जगह महासचिव बनाया जाएगा। गुलाम नबी आजाद
सिर्फ मंत्री रहेंगे। अभी वह पार्टी के महासचिव भी है। सूत्रों के अनुसार
अंबिका सोनी को जल्द ही गुलाम नबी आजाद के प्रभाव वाले राज्य भी दिए जा
सकते हैं।
साथ ही सूत्रों ने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि मंत्री परिषद में
विभागों के आवंटन को लेकर एक बार फिर प्रधानमंत्री से सोनिया गांधी की
चर्चा हो सकती है। उसके बाद अंतिम सूची को राष्ट्रपति भवन को भेज दिया
जाएगा।
