यूपीए सरकार में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के सभी छह मंत्रियों ने प्रधानमंत्री को उनके आवास पर जाकर अपने इस्तीफे सौंप दिए। इसके बाद सभी मंत्री राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलने गए और उन्हें समर्थन वापसी का पत्र सौंपा, जिसके साथ ही यूपीए सरकार से ममता बनर्जी औपचारिक रूप से अलग हो गईं। जिस वक्त ममता के मंत्री राष्ट्रपति से मुलाकात कर रहे थे, पश्चिम बंगाल में एक कार्यक्रम में ममता ने कहा कि मैं किसी से डरी नहीं हुई हूं और जब तक जिंदा रहूंगी, शेरनी की तरह रहूंगी।
तृणमूल कांग्रेस के सभी छह मंत्री शाम चार बजे प्रधानमंत्री आवास जाकर मनमोहन सिंह को अपने-अपने इस्तीफे सौंप दिए। वहां से वे सत्तारूढ़ गठबंधन से समर्थन वापसी का एक पत्र राष्ट्रपति को सौंपने के लिए राष्ट्रपति भवन रवाना हो गए।
तृणमूल कांग्रेस से केंद्रीय मंत्रिपरिषद में छह सदस्य थे। इनमें मुकुल रॉय कैबिनेट मंत्री थे, जबकि सौगत राय, सिसिर अधिकारी, मोहन जटुआ, सुल्तान अहमद और सुदीप बंदोपाध्याय राज्य मंत्री थे। मुकुल रॉय ने कहा कि उनकी पार्टी खुदरा व्यापार के क्षेत्र में एफडीआई के खिलाफ देशव्यापी विरोध शुरू करेगी।
उन्होंने कहा, हमारी पार्टी डीजल के दामों में वृद्धि, रियायती सिलेंडरों की संख्या घटाए जाने तथा खुदरा व्यापार के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देने के फैसले के खिलाफ है। पार्टी ने इसका विरोध करने का फैसला किया है। सरकार का यह फैसला जनविरोधी है और हम इसका समर्थन नहीं कर सकते।
पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने डीजल के दामों में वृद्धि, रियायती सिलेंडरों की संख्या घटाए जाने तथा खुदरा व्यापार के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देने के फैसले के मुद्दे पर यूपीए से समर्थन वापस लेने की बुधवार की रात घोषणा की थी।
तृणमूल कांग्रेस द्वारा केंद्र की यूपीए सरकार से समर्थन वापस लिए जाने के बाद कांग्रेस ने कहा है कि वह पश्चिम बंगाल सरकार से अपने मंत्रियों को हटाएगी। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने बताया, तृणमूल कांग्रेस के मंत्रियों द्वारा इस्तीफा (केंद्र से) दिए जाने के बाद हमारी पार्टी से संबंधित मंत्री राज्य की तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार से इस्तीफा देंगे।
यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस मंत्री किस दिन इस्तीफा देंगे, भट्टाचार्य ने कहा कि वह इस बारे में सही सही नहीं बता सकते कि वे कब इस्तीफा देंगे, क्योंकि उनमें से कुछ फिलहाल बाहर हैं। उन्होंने कहा, हम इस बारे में शाम में घोषणा करेंगे। राज्य सरकार में कांग्रेस के दो कैबिनेट और चार राज्य मंत्री हैं।
तृणमूल कांग्रेस के सभी छह मंत्री शाम चार बजे प्रधानमंत्री आवास जाकर मनमोहन सिंह को अपने-अपने इस्तीफे सौंप दिए। वहां से वे सत्तारूढ़ गठबंधन से समर्थन वापसी का एक पत्र राष्ट्रपति को सौंपने के लिए राष्ट्रपति भवन रवाना हो गए।
तृणमूल कांग्रेस से केंद्रीय मंत्रिपरिषद में छह सदस्य थे। इनमें मुकुल रॉय कैबिनेट मंत्री थे, जबकि सौगत राय, सिसिर अधिकारी, मोहन जटुआ, सुल्तान अहमद और सुदीप बंदोपाध्याय राज्य मंत्री थे। मुकुल रॉय ने कहा कि उनकी पार्टी खुदरा व्यापार के क्षेत्र में एफडीआई के खिलाफ देशव्यापी विरोध शुरू करेगी।
उन्होंने कहा, हमारी पार्टी डीजल के दामों में वृद्धि, रियायती सिलेंडरों की संख्या घटाए जाने तथा खुदरा व्यापार के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देने के फैसले के खिलाफ है। पार्टी ने इसका विरोध करने का फैसला किया है। सरकार का यह फैसला जनविरोधी है और हम इसका समर्थन नहीं कर सकते।
पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने डीजल के दामों में वृद्धि, रियायती सिलेंडरों की संख्या घटाए जाने तथा खुदरा व्यापार के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देने के फैसले के मुद्दे पर यूपीए से समर्थन वापस लेने की बुधवार की रात घोषणा की थी।
तृणमूल कांग्रेस द्वारा केंद्र की यूपीए सरकार से समर्थन वापस लिए जाने के बाद कांग्रेस ने कहा है कि वह पश्चिम बंगाल सरकार से अपने मंत्रियों को हटाएगी। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने बताया, तृणमूल कांग्रेस के मंत्रियों द्वारा इस्तीफा (केंद्र से) दिए जाने के बाद हमारी पार्टी से संबंधित मंत्री राज्य की तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार से इस्तीफा देंगे।
यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस मंत्री किस दिन इस्तीफा देंगे, भट्टाचार्य ने कहा कि वह इस बारे में सही सही नहीं बता सकते कि वे कब इस्तीफा देंगे, क्योंकि उनमें से कुछ फिलहाल बाहर हैं। उन्होंने कहा, हम इस बारे में शाम में घोषणा करेंगे। राज्य सरकार में कांग्रेस के दो कैबिनेट और चार राज्य मंत्री हैं।