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देश भर से उठी असीम की रिहाई के लिए आवाज

इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ता और कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी के विरोध पूरे देश से आवाज उठने लगी है। सड़क से लेकर सोशल साइट्स तक उनकी रिहाई के लिए आवाज बुलंद होने लगी है। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने असीम का बचाव करते हुए कहा कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया है और जिसने कोई अपराध नहीं किया हो, उसे गिरफ्तार करना भी एक अपराध है।'

असीम के होम टाउन कानपुर में लोग गिरफ्तारी के विरोध में सड़कों पर उतर आए और रिहाई की मांग की। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर बॉलिवुड कलाकार मनोज बाजपेयी और शेखर कपूर ने भी इसका विरोध किया है।मार्कंडेय काटजू ने असीम की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए हमारी सहयोगी वेबासाइट द टाइम्स ऑफ इंडिया।कॉम पर लिखे अपने ब्लॉग में कहा है कि कार्टूनिस्‍ट असीम ने कुछ भी गलत नहीं किया है। काटजू ने लिखा है, 'मेरे विचार से कार्टूनिस्‍ट ने कुछ भी गलत या गैरकानूनी नहीं किया है। लोकतंत्र में बहुत सी बातें कहीं जाती हैं। कुछ सही होती हैं, और कुछ गलत।' उन्होंने लिखा है, 'जिसने कोई क्राइम न किया हो, उसे अरेस्ट करना भी एक क्राइम है, इसलिए कार्टूनिस्ट को गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारी यह बहाना नहीं बना सकते कि उन्होंने अपने नेताओं के ऑर्डर को तामील किया है।

सुप्रीम कोर्ट के जज रहे काटजू ने कहा, 'मैं अक्सर कहता था कि लोग मुझे कोर्ट या कोर्ट के बाहर बेवकूफ कह सकते हैं, लेकिन मैं कभी भी अदालत की अवमानना का मामला शुरू करने का कदम नहीं उठाऊंगा, क्योंकि आरोप सही होने पर मैं इसी लायक हूं और गलत होने पर मैं उन्हें नजरअंदाज कर दूंगा।' इसी तरह देश के कई पूर्व जजों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ऐक्टिविस्टों ने असीम की गिरफ्तारी का विरोध किया है।

मुंबई में अनशन के वक्त का है मामला

असीम को जिस कार्टून बनाने के लिए गिरफ्तार किया गया है वह मामला कई महीने पहले का है, जब अन्ना हजारे मुंबई के एमएमआरडीए ग्राउंड में अनशन पर बैठे थे। अन्ना के उस आंदोलन के दौरान कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी ने एक कार्टून बनाया था, जिसमें राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न में सिंह के सर के बजाय भेड़िये के सर बनाए गए थे और सत्यमेव जयते की जगह भ्रष्टमेव जयते लिखा था। इसी कार्टून को आधार बना कर असीम त्रिवेदी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उन पर राजद्रोह का आरोप है।