बनारसी लाल सर्राफ कॉलेज का छात्र है सुमित
नवगछिया को सुमित से है काफी उम्मीदें
राजेश कानोडिया, नवगछिया (भागलपुर)।
"कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तबियत से तो उछालो यारों" इन पंक्तियों को सच साबित कर दिखाया है सरस्वती के साधक सुमित कुमार ने। जिसने पिता से विरासत में मिली अपनी सुरमयी आवाज को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने में सफलता हासिल कर ली। सुमित कुमार नवगछिया स्थित बनारसी लाल सर्राफ कॉमर्स कॉलेज का छात्र है। जहां से हिन्दी में स्नातक करने के बाद 2013 में ही मुंबई चला गया था। इस समय चर्चित गायक सुरेश वाडेकर के संस्थान आजीवासन में संगीत की पढ़ाई कर रहा है। जिसका पूरा फोकस अपने रियाज और गीत संगीत पर ही है। जो इस समय बॉलीवुड में एक पार्श्व गायक या संगीतकार के रुप में अपने को स्थापित करने के लिए संघर्षरत है।
सुमित कुमार को यह सफलता इसी सरस्वती पूजा से ठीक पहले 24 जनवरी को एमेजॉन के प्रायोजन में मुंबई में आयोजित सिनेमेटिक म्यूजिक बैंड ऑफ वर्ल्ड कार्यक्रम के दौरान मिली। जहां संगीतकार प्रीतम के नेतृत्व में कबीर खान की आने वाली फिल्म "द फ़ारगेटन आर्मी" के लिए लाइव गीत रिकॉर्ड कराया। गीत के रिकॉर्ड होते ही यह गीत वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हो गया। मौके पर ही गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के जजों की बेंच ने पूरी टीम के समक्ष इसकी घोषणा की।
बताते चलें कि यह सरस्वती का साधक सुमित कुमार नवगछिया अनुमंडल के रंगरा प्रखंड अंतर्गत जहांगीरपुर बैसी गांव निवासी अवधेश कुमार यादव का सबसे छोटा बेटा है। सुमित कुमार का बड़ा भाई आकाश छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ के अनि पद पर है। दूसरे नंबर का भाई मनीष और बहन स्वाति सुमन भी गीत संगीत से जुड़े हैं। इसके पिता भी ग्रामीण स्तर पर गाते रहे हैं। पुत्र की इस उपलब्धि से काफी खुश हैं।
इधर सुमित कुमार की इस उपलब्धि पर बनारसी लाल सर्राफ कॉमर्स कॉलेज के अध्यक्ष सह प्रताप विश्वविद्यालय, राजस्थान के कुलपति उग्र मोहन झा, सचिव सह तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के सीनेट मेम्बर डॉ मृत्युंजय कुमार सिंह गंगा, प्रधानाध्यापक मो नईम उद्दीन, हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो गोवर्धन दास और प्रवक्ता राजेश कानोडिया सहित सभी शिक्षकों ने गर्व जताते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा उसे सम्मानित करने की भी बात कही है।