मधेपुरा। पुस्तकालय हर शिक्षण संस्थान का दिल होता है। इसके स्पंदन पर ही संस्थान का जीवन निर्भर करता है। जिस प्रकार मानव जीवन की गति दिल की धङकन पर निर्भर है, वैसे ही शिक्षण संस्थान का विकास पुस्तकालय के विकास पर निर्भर करता है। ये बातें
भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा के कुलपति डॉ. अवध किशोर राय ने कही। वे बुधवार को केंद्रीय पुस्तकालय में आयोजित विदाई में बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन बीएलआईएस. 2018-19 के द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों के सम्मान में किया गया था। कुलपति ने सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से अपील की कि वे पुस्तकालय का अत्यधिक उपयोग करें। यहाँ उनको सभी सुविधाएं दी जाएंगी।
कुलपति ने कहा कि आज हमारे लिए यह अत्यंत खुशी की बात है कि हमारे द्वारा लगाए गए पौधे में फूल एवं फल लग रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पुस्तकालय को सचमुच में जीवित रखना है, तो हमें अच्छा पुस्तकाध्यक्ष तैयार करने होंगे। बिना प्रशिक्षित पुस्तकालयाध्यक्ष के बिना पुस्तकालय का सही उपयोग नहीं हो सकता है। इसलिए हमारी यह कोशिश है कि पुस्तकालय में पुस्तकें धूल नहीं खाएं, बल्कि वह विद्यार्थियों एवं समाज तक पहुँचे।
प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली ने कहा कि बीएनएमयू में संसाधनों का घोर अभाव है। इसके बावजूद हम बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय किसी भी शिक्षण संस्थान की खिड़की है। इसी के माध्यम से शिक्षा के मंदिर में रौशनी एवं ताजी हवा आती है। पटना विश्वविद्यालय के दिनेश सिंह ने कहा कि पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं। विद्यार्थी उन संभावनाओं को पहचानें।
अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ से किया गया। स्वागत भाषण कोर्स कोआर्डिनेटर डाॅ. अशोक कुमार यादव ने किया। छात्र राहुल यादव ने विभाग में सुविधाएं बढ़ाने की मांग की। कार्यक्रम का संचालन पृथ्वीराज यदुवंशी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डीएसडबल्यू डाॅ. शिवमुनि यादव ने किया। इस अवसर पर बीआरबीयू, मुजफ्फरपुर के डाॅ. रंजन, वित्तीय परामर्शी सुरेश चंद्र दास, परीक्षा नियंत्रक डाॅ. नवीन कुमार, विकास पदाधिकारी डाॅ. ललन प्रसाद अद्री, पीआरओ डाॅ. सुधांशु शेखर, विभाग के शिक्षक अभिनंदन कुमार, सिद्दु कुमार, राहुल यादव, अनामिका, खुशबू, आरती, मनीष कुमार, आशीष कुमार, सुचि अर्चना, पंकज, अब्दुल मल्लिक, पूनम, सुभाष कुमार, मनोज कुमार यादव, विभोर, सुभाष, प्रभात आदि उपस्थित थे।