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शुक्रवार, 19 मई 2017

जानें- पहली जुलाई से लागू हो रही जीएसटी से जुडी बड़ी जानकारी

नव-बिहार न्यूज नेटवर्क (NNN), श्रीनगर/नई दिल्ली। जीएसटी यानी टैक्स रेट से जुड़ी सबसे बड़ी घोषणा आखिरकार हो ही गई। श्रीनगर में चल रही जीएसटी काउंसिल की बैठक में गुरुवार को वस्तुओं के टैक्स रेट तय कर दिए गए। काउंसिल ने 1205 वस्तुओं की सूची देर रात 11 बजे जारी कर दी।
सरकार का दावा है कि इनमें ज्यादातर सामान या तो सस्ते होंगे या उनकी कीमत जस की तस बनी रहेगी।
इस सूची के मुताबिक 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद अनाज सस्ते हो जाएंगे। काउंसिल ने इन पर टैक्स नहीं लगाने का फैसला किया है। अभी कुछ राज्य गेहूं और चावल पर वैट लगाते हैं। जीएसटी के बाद वैट खत्म हो जाएगा। दूध-दही पहले की तरह टैक्स के दायरे से बाहर रहेंगे। लेकिन मिठाई पर 5% टैक्स लगेगा। रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजें, जैसे हेयर ऑयल, साबुन, टूथपेस्ट भी सस्ते होंगे। इन पर सिर्फ 18% टैक्स लगेगा। यह  अब तक एक्साइज और वैट मिलाकर 22 से 24% तक था। यानी ये चीजें 4 से 6% तक सस्ती हो सकती हैं। वैसे चीनी, चाय, कॉफी (इंस्टैंट नहीं) और खाद्य तेल पर 5% टैक्स रेट लागू होगा। इन पर मौजूदा रेट भी इसी के आसपास है। सॉफ्ट ड्रिंक्स और कारों पर 28% टैक्स रेट लागू होगा। कारों पर सेस भी लगेगा। एसी, फ्रिज भी 28% टैक्स दायरे में रखे गए हैं। जीवन रक्षक दवाएं 5% की श्रेणी में रखी गई हैं।
गुरुवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की बैठक में टैक्स रेट को अंतिम रूप दिया गया। जेटली ने बताया कि पैकेज्ड और ब्रांडेड फूड पर रेट अभी तय होना है। सर्विसेज पर शुक्रवार को विचार होगा। सभी वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स रेट को लेकर शुक्रवार को फैसला नहीं हो सका तो इसके लिए काउंसिल की एक और मीटिंग होगी। मंत्री ने कहा कि गुरुवार को जिन वस्तुओं पर विचार हुआ, उनमें किसी पर भी टैक्स रेट नहीं बढ़ा है। कुछ पर कम ही हुआ है। छूट वाली वस्तुओं की सूची शुक्रवार को तय होने की उम्मीद है। अभी 299 चीजों को एक्साइज और 99 को राज्यों के वैट से छूट मिली हुई है।
काउंसिल ने 7 नियम मंजूर किए, 2 नियम लीगल कमेटी को विचार के लिए सौंपे
काउंसिल ने गुरुवार को जीएसटी के सात नियमों को अंतिम रूप दे दिया। ये नियम रजिस्ट्रेशन, रिफंड, कंपोजीशन, इनवॉयस, पेमेंट, इनपुट टैक्स क्रेडिट और वैल्यूएशन से संबंधित हैं। रिटर्न और ट्रांजिशन से जुड़े नियमों पर फैसला नहीं हो सका। इसे लीगल कमेटी को साैंपा गया है।
बिजली और स्टील सस्ते होने के आसार
कोयले पर टैक्स रेट 11.69% से घटाकर 5% किया गया है। इससे कोयले से बिजली बनाना सस्ता होगा। लोगों के लिए भी रेट घट सकते हैं। जीएसटी कानून में कहा गया है कि कंपनियों को लागत में बचत का फायदा ग्राहकों को देना होगा। हालांकि बिजली कितनी सस्ती होगी, यह कहना अभी मुश्किल है। क्योंकि कोयले और बिजली पर कई जगह टैक्स लगते हैं। स्टील इंडस्ट्री में भी कोयले का इस्तेमाल होता है। उसका खर्च भी कम होगा। इससे स्टील प्रोडक्ट भी सस्ते होने की उम्मीद है।
सबसे ज्यादा असर मेकअप के सामानों पर; 11% तक बढ़ेगा टैक्स, चीनी पर 13% तक टैक्स कम होगा
अनाज और उसके उत्पाद
00% गेहूं, चावल, दूसरे अनाज, आटा, मैदा, बेसन, चूड़ा, मूड़ी, खोई, ब्रेड (कुछ राज्य कुछ प्रोडक्ट पर वैट लगाते हैं। वहां सस्ते होंगे)
05% रस्क, पिज्जा ब्रेड (इन पर अभी करीब 6% टैक्स है, ये 1% टैक्स कम होगा।)
12% नमकीन भुजिया, मिक्सचर (एक्साइज 12.5%, वैट 5%, टैक्स 6% घटेगा)
18% पास्ता, नूडल्स, पेस्ट्री, केक, (एक्साइज 12.5%, वैट 5%, टैक्स 0.1% घटेगा)
डेयरी प्रोडक्ट
00% दूध, दही, लस्सी, पनीर (इन पर अब भी टैक्स नहीं लगता)
05% बच्चों के मिल्क फूड
12% घी, चीज, बटर ऑयल (अभी 5% टैक्स है, 7% बढ़ जाएगा)
18% कंडेंस्ड मिल्क (अभी एक्साइज 12.5%, वैट 5%, टैक्स 0.1% घटेगा)
फल-सब्जियां, इनके उत्पाद
00% कच्ची सब्जियां और फल (अब भी टैक्स नहीं लगता)
5% प्रोसेस्ड फल-सब्जियां (एक्साइज और वैट मिलाकर 11%, टैक्स 6.5% घटेगा)
12% फ्रूट-वेजिटेबल जूस, जूस और दूध युक्त ड्रिंक्स, (एक्साइज+वैट=11.5%, टैक्स 0.5% घटेगा)
18% जैम, जेली (एक्साइज और वैट मिलाकर 11.5%, टैक्स 6.5% बढ़ेगा)
05% चाय-कॉफी (अभी एक्साइज और वैट मिलाकर 18.1%, टैक्स 13.1% कम)
चीनी-कन्फेक्शनरी
05% चीनी, खांडसारी (अभी चीनी पर 18.1% -खांडसारी पर 6% टैक्स, दोनों सस्ते)
18% फ्लेवर्ड चीनी (अभी एक्साइज और वैट मिलाकर 18.1%, टैक्स 0.1% घटेगा)
28% च्यूइंग गम (अभी एक्साइज और वैट मिलाकर 17%, टैक्स 11% बढ़ेगा)
कॉस्मेटिक्स
00% कुमकुम, बिंदी, सिंदूर (इन पर अब भी टैक्स नहीं लगता)
12% अगरबत्ती (12.5% एक्साइज लगता है, यह सस्ता होगा)
18% हेयर ऑयल, साबुन, टूथपेस्ट (अभी एक्साइज+वैट 17%, टैक्स 1% बढ़ेगा)
28% मेकअप के सामान, सनस्क्रीन लोशन, शैंपू, हेयर क्रीम, हेयर कलर/डाइ, शेविंग क्रीम, डिओड्रेंट (अभी एक्साइज और वैट मिलाकर 17%, टैक्स 11% बढ़ जाएगा)
प्लास्टिक की चीजें
18% किचन के सामान, केन, पाइप, शीट (अभी एक्साइज और वैट मिलाकर 18.1% है, टैक्स 0.1% कम होगा)
28% फ्लोर कवरिंग, बाथरूम के सामान (अभी 12.5% एक्साइज और 5% वैट, कुल 18.1%, टैक्स 9.9% बढ़ेगा)
(नोट : वैट, एक्साइज लगने के बाद जोड़ा जाता है)
सोने पर आज तय होगा रेट
गुरुवार को 1,205 आइटम पर टैक्स को अंतिम रूप दिया गया। सोना, सिगरेट, बीड़ी, कृषि उपकरण, फुटवियर, टेक्सटाइल और बायोडीजल पर अभी टैक्स रेट तय नहीं हुआ है। इन पर टैक्स शुक्रवार को तय होने की उम्मीद है। नहीं तो एक और बैठक होगी।
लक्जरी कारों पर जीएसटी के अलावा 15% सेस भी लगेगा, यानी कुल 43% टैक्स देना होगा
कारों को 28% टैक्स स्लैब में रखा गया है। इसके अलावा छोटी कारों पर 1%, मझोली कारों पर 3% और लक्जरी कारों पर 15% सेस भी जुड़ेगा। अभी छोटी कारों पर 31.5% जबकि मझौली कारों पर 49% टैक्स लगता है। इसमें एक्साइज ड्यूटी, इंफ्रा सेस, ऑक्ट्रॉय के अलावा वैट और सीएसटी भी लगता है। जीएसटी लागू होने के बाद ये सभी टैक्स खत्म हो जाएंगे। इससे छोटी कारों पर 2.5% और मझोली कारों पर 18% तक कम टैक्स लग सकता है।
अपराध और दंड- टैक्स तीन महीने में सरकार को जमा नहीं करने पर सजा
- बिना इनवॉयस के सप्लाई करना, गलत इनवॉयस जारी करना, बिना सप्लाई के इनवॉयस जारी करना।
- टैक्स इकट्‌ठा किया, लेकिन 3 महीने में सरकार के पास जमा नहीं किया, टैक्स की रकम कम काटी या नहीं काटी।
- गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट या रिफंड लेना, खातों में हेरा-फेरी या उन्हें नष्ट करना, टर्नओवर कम बताना।
- इन पर कम से कम 10,000 रु. जुर्माना लगेगा। ऐसे लोगों को मदद करने वालों पर 25,000 रु. तक जुर्माना।
- रिटर्न से संबंधित जानकारी तय समय में नहीं देने पर 5,000 रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। जानबूझ कर गलत जानकारी देने पर 25,000 रु. तक का  जुर्माना लगाया जा सकता है।
- नियमों का उल्लंघन कर वस्तु की सप्लाई करने पर उसे जब्त किया जा सकता है। जिस गाड़ी में सामान की ढुलाई की गई होगी, उसे भी जब्त किया जाएगा।
- कर चोरी, गलत टैक्स क्रेडिट या गलत रिफंड की रकम 5 करोड़ रु. से ज्यादा है तो 5 साल तक जेल और जुर्माना। यह रकम 2 से 5 करोड़ के बीच है तो तीन साल तक जेल और जुर्माने का प्रावधान है। यह रकम 1 से 2 करोड़ के बीच है तो एक साल तक की जेल और जुर्माना संभव है। तीनों मामलों में कम से कम छह माह की जेल होगी।
- दूसरी या ज्यादा बार गलती पकड़े जाने पर 5 साल तक जेल और जुर्माना हो सकता है। अगर गलती व्यक्ति के बजाय कंपनी की है तो कंपनी के साथ उसके प्रमुख को भी दोषी माना जाएगा और सजा होगी। इनमें कंपनी के डायरेक्टर भी शामिल होंगे। ट्रस्ट के मामलों में मैनेजिंग ट्रस्टी और या एलएलपी के पार्टनर जिम्मेदार होंगे।
इन 5 देशों में जीएसटी लागू हुआ तो जीडीपी गिरी
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, मलेशिया और सिंगापुर ने 1991 से 2000 के बीच जीएसटी लागू किया। 1994 में जब सिंगापुर ने जीएसटी लागू किया तो, उस साल जीडीपी में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। आईएमएफ के मुताबिक जीएसटी लागू होने से पहले सिंगापुर की जीडीपी 5.5% थी जबकि जीएसटी लागू करने के बाद यह निगेटिव में चली गई और -3% तक लुढ़क गई।

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