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नवगछिया से न्यूयॉर्क तक विश्व योग दिवस की मची धूम


राजेश कानोडिया, नवगछिया, भागलपुर (नव बिहार न्यूज़ नेटवर्क ) ।
आज 21 जून को साल का सबसे बड़ा दिन है। इसी दिन नवगछिया से लेकर न्यूयॉर्क तक
यानी देश से लेकर विदेश तक विश्व के कोने-कोने में विश्व योग दिवस मनाया जा रहा है। जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन से भी मान्यता मिल चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रमों में योग को शामिल करने का काम भी कर रहा है। यह भारत की तरफ से दुनियां को दिया गया सबसे बड़ा उपहार है।
इस मौके पर आज नवगछिया स्थित इंटर स्तरीय विद्यालय के विशाल मैदान और बाल भारती विद्यालय के मैदान तथा मारवाड़ी विवाह भवन के प्रसाल सहित नवगछिया अनुमंडल के कदवा, बिहपुर, नारायणपुर, गोपालपुर, रंगरा, खरीक और इस्माइलपुर के साथ-साथ भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज, खगड़िया, बेगूसराय तथा पटना सहित आस्ट्रेलिया, फ्रांस, लंदन, अमेरिका और न्यूयॉर्क के टाइम्स स्कॉयर में यानि देश-विदेश के कोने कोने में विश्व योग दिवस के मौके पर सुबह से ही लोग योगाभ्यास कर रहे हैं।
पतंजलि योग पीठ के स्वामी बाबा रामदेव की प्रेरणा से प्रेरित भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खास मुहिम की बदौलत संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था, जिसे विश्व के 177 देशों ने अपनी सहमति दी थी। जिसकी ख़ुशी में पिछले साल दिल्ली का राजपथ योगपथ बन गया था। आज नवगछिया से लेकर न्यूयार्क तक यानि देश से लेकर विदेश तक विश्व योग दिवस की धूम मची है। इस मौके पर बच्चे से लेकर बूढ़े तक और नौजवान, पुरुष से लेकर महिला तक तथा अधिकारी से लेकर कर्मचारी एवं शिष्य से लेकर गुरु तक सभी एक साथ योग की महागंगा में स्नान कर रहे हैं।
इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 जून की सुबह चंडीगढ़ के कैपिटल कांपलेक्स में आयोजित द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का नेतृत्व कर रहे हैं। इस समारोह में 35000 से ज्यादा लोग एक साथ शामिल हुए हैं। दूसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर 190 देशों में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय को विशेष रूप से सजाया गया है। आज दुनियाभर के 30 करोड़ से ज्यादा लोग नियमित योगाभ्यास भी कर रहे हैं। अमेरिका जैसे मुल्क में डेढ़ करोड़ से अधिक लोग योग को अपना चुके हैं और वहां योग का कारोबार 30 अरब डॉलर की सीमा को पार कर चुका है। भारत में योग की परंपरा भले ही हजारों साल पुरानी है, लेकिन इसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलने के बाद से इसके प्रति रुझान में काफी तेजी आई है। भारत में योग करने वालों की संख्या 2001 में 60-65 लाख थी, जो 2015 में 2 करोड से अधिक हो चुकी है।