ताजा समाचार :

6/Posts/ticker posts

नवगछिया में चरमरायी शिक्षा व्यवस्था

नवगछिया के स्कूलों में चरमरा गयी है शिक्षा की स्थिति।

इन दिनों नवगछिया के स्कूलों में शिक्षा की स्थिति काफी चरमरा गयी है। बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन में सभी अपना अपना हक़ मानने लगे हैं। अधिकांश स्कूलों में राष्ट्र निर्माता कहे जाने वाले शिक्षक ही अनुपस्थित पाये जा रहे हैं तो छात्रों पर क्या नियंत्रण कर कैसे राष्ट्र का निर्माण हो पायेगा?
इन मामलों का खुलासा लगातार हो रहे विद्यालय के निरीक्षणों से साफ़ जाहिर हो रहा है।
नवगछिया BDO राजीव कुमार रंजन द्वारा 5 दिसंबर को मध्य विद्यालय पुवारी टोला यमुनिया का निरिक्षण किया गया। जहाँ मुकुंद सिंह नमक शिक्षक अनुपस्थित थे। विद्यालय से मध्याह्न भोजन बंद था और पंजी गायब थी। जिसे किसी के घर पर होने की बात बतायी गयी।
जब BDO साहब पहुंचे बालक मध्य विद्यालय यमुनिया तो यहाँ भी शिक्षिका गुलशन आरा अनुपस्थित थी। यहाँ से भी मध्याह्न भोजन पंजी गायब ही मिली।
जब BDO साहब पहुंचे यमुनिया के सार्वजनिक पुस्तकालय भवन स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 8 तो यहाँ की स्थिति तो और भी अजीबोगरीब मिली। जहाँ सेविका तो थी पर सहायिका नदारत थी। बच्चे मात्र 21 वो भी बिना ड्रेस के गंदे कपड़ों में। जहाँ एक बजे दिन तक बच्चों के भोजन की प्रक्रिया ही प्रारम्भ नहीं हो पायी थी। अधिकारीयों को देखने के बाद भोजन बनाने की प्रक्रिया शुरू की गयी।
इससे पहले भी कई स्कूलों का निरिक्षण किया गया है। लगभग सभी जगह यही स्थिति व्याप्त है।