पटना. जदयू के चार विधायकों की सदस्यता विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने शनिवार को समाप्त कर दी। इन चारों विधायकों में ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू, राहुल शर्मा, रविन्द्र राय और नीरज बबलू शामिल हैं। इनके खिलाफ जदयू ने पार्टी के खिलाफ कार्य करने को लेकर शिकायत की थी। करीब एक माह तक स्पीकर कोर्ट में चली सुनवाई के बाद आज इस पर फैसला सुनाया गया। वहीं इस मामले पर ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने कहा- इस फैसले के खिलाफ वे हाईकोर्ट जाएंगे। रविन्द्र राय ने कहा कि इसके पीछे मास्टर माइंड नीतीश कुमार हैं। नीरज कुमार बबलू ने कहा-यह लोकतंत्र की हत्या है।
राज्यसभा उपचुनाव के बाद से चल रही थी सुनवाई
बताते चलें कि पिछले राज्यसभा उपचुनाव में जदयू के इन विधायकों ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ क्राॅस वोटिंग की थी। बागियों ने नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला दिया था और राज्यसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी भी घोषित कर दिया था। इस पर जदयू ने विधानसभा अध्यक्ष से इनकी विधायकी खत्म करने की सिफारिश की थी। स्पीकर कोर्ट में काफी दिनों से इस मामले पर सुनवाई चल रही थी। आज इस पर फैसला सुना दिया गया।
चार पर चल रही सुनवाई
वहीं, जदयू के चार अन्य बागी विधायकों की सदस्यता पर सुनवाई चल रही है। इनमें अजीत कुमार, पूनम देवी, सुरेश चंचल और राजू कुमार सिंह शामिल हैं। पार्टी ने इनकी भी सदस्यता खत्म करने को लेकर विधानसभाध्यक्ष से अनुरोध किया है। इन पर भी पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप है।