मां दुर्गे व बजरंग बली की प्रतिमाओं के विसर्जनके दौरान सोमवार को शहर में
भारी उपद्रव हुआ। टेलीफोन एक्सचेंज में आग लगा दी गई। कैंपस में खड़े छह चारपहिया वाहन, एक साइलेंट जेनरेटर धू-धू कर जल गये। आग की लपटें इतनी तेज थीं एक्सचेंज के निचले तल पर रखे गये फर्नीचर भी जल गये। टेलीफोन केबल को भी जला दिया गया।
वहीं साहेबगंज चौक पर खड़ी नगर परिषद की जेसीबी और पास में खड़े ट्रैक्टर और टे्रलर में भी आग लगा दी गई। शहर में दर्जन भर चौक-चौराहों पर सड़क जाम व आगजनी की गई। नगर थाना चौक के समीप अल सुबह चार बजे से ही पुलिस प्रशासन और पूजा समितियों से जुड़े लोगों के बीच विवाद और टकराव शुरू हुआ और धीरे-धीरे हालात विस्फोटक हो गये।
दोनों ओर से एक दूसरे पर जमकर पथराव हुआ, जिसमें डीएम के तीन बॉडीगार्ड समेत कई मीडियाकर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता और आम लोग भी घायल हुए। डीएम-एसपी को भी भीड़ ने खदेड़ दिया। एक बॉडीगार्ड के सिर पर ईंट का बड़ा टुकड़ा सीधे आकर लगा और उसका माथा फट गया। दो बॉडीगार्डों समेत पांच घायलों का इलाज छपरा सदर अस्पताल में हुआ। डीएम कुंदन कुमार ने बताया कि उपद्रवियों की ओर से पेट्रोल बम से भी हमला किया गया, जिसमें वे और एसपी विनय कुमार बाल-बाल बचे।
पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण के लिए आंसू गैस के कई गोले छोड़े। बावजूद उपद्रवियों पर कोई असर नहीं पड़ा। लिहाजा एसटीएफ ने हवाई फायरिंग भी की। हालांकि पुलिस इससे इंकार कर रही है। उपद्रवियों की ओर से भी एक-दो राउंड हवाई फायरिंग हाने की बात कही जा रही है। पुलिस प्रशासन और उपद्रवियों मेंरुक-रुक कर घंटों बवाल चलता रहा। कभी उपद्रवी पीछे हटते तो कभी पुलिस प्रशासन को पीछे भागना पड़ता। इस दौरान जो कोई भी पकड़ा जाता, पुलिस उसकी जमकर धुनाई कर रही थी और बाद में नगर थाना हाजत में लाकर बंद कर दे रही थी।
उपद्रवियों में किशोरवय लड़कों की संख्या काफी थी। थाना चौक-पंकज सिनेमा रोड और थाना चौक-साहेबगंज रोड पर केवल ईंट-पत्थर के टुकड़े ही बिखरे दिख रहे थे। कलेक्ट्रेट रोड में भी पथराव किया गया। कुछ ही देर में शहर के अधिकांश हिस्सों में उपद्रव की लपट पहुंच गई। जगह-जगह रोड जाम के साथ ही आगजनी होने लगी। कर्फ्यू जैसे हालात दिखने लगे। बाजार स्वत:स्फूर्त बंद रहा। एक भी ऑटो नहीं चली। इक्का-दुक्का रिक्शे व कुछेक बाइक ही सड़कों पर नजर आ रही थीं।
बाद में हालात पर नियंत्रण के लिए जिले के जलालपुर के आईटीबीपी कैंप से जवानों को बुलाना पड़ा। जवानों ने यहां पहुंचते ही नगर थाने के पास जमे हुजूम पर अंधाधुंध लाठियां बरसायीं, जिसकी चपेट में स्थानीय विधायक रणधीर कुमार सिंह भी आ गये। उस समय उनके बॉडीगार्ड थोड़े पीछे थे। एक छात्र नेता प्रिंस ने उन्हें बचाने की कोशिश की और जवान का एक डंडा अपने पैर पर रोक लिया, जिससे उसका पैर पूरी तरह लाल हो गया था।
कुछ प्रत्यक्षदर्शी कह रहे थे कि एक-दो डंडे विधायक को भी लगे, जबकि प्रिंस ने इससे इंकार किया। वहीं इस घटना के तुरंत बाद विधायक वहां से चले गये। उनसे बातचीत का प्रयास विफल रहा, जिससे इस बारे में उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। आखिर क्यों शुरू हुआ बवाल पश्चिमी छपरा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला रविवार की रात करीब नौ बजे शुरू हुआ। दौलतगंज समेत उस इलाके की चार प्रतिमाएं सोमवार की तड़के करीब चार बजे नगर थाना चौक के पास पहुंचीं तो प्रशासन ने यह कहते हुए जूलूस आगे बढ़ने से रोक दिया कि विसर्जन का निर्धारित समय समाप्त हो चुका है।
सुबह में बकरीद की नमाज होनी है। फिर थोड़ी देर बाद डीजे बजाने पर पाबंदी की बात कहते हुए प्रशासन की ओर से प्रस्ताव रखा गया कि यदि डीजे नहीं बजेगा तो जूलूस को आगे ले जाने दिया जायेगा। प्रशासन की इस शर्त पर पूजा समितियों से जुड़े लोग राजी नहीं हुए। कुछ लोगों की पुलिस प्रशासन से झड़प भी हुई। कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया गया। फिर बजरंग दल के कार्यकर्ता हरवा-हथियार के साथ पहुंचे। पुलिस ने लाठी चार्ज कर खदेड़ा और कुछ हथियार जब्त किया।
इसके बाद टकराव बढ़ता गया। बीच-बीच में वार्ता होती रही पर अंतत: सहमति नहीं बनी। प्रशासन की सोच थी कि बकरीद की नमाज नौ बजे तक संपन्न हो जाने पर जूलूस ले जाने दिया जायेगा, लेकिन तब तक लोगों की भीड़ बढ़ती गई और नारेबाजी होने लगी। प्रशासन ने थोड़ी सख्ती दिखाई तो बवाल शुरू हो गया। यह सिलसिला रुक-रुक कर शाम तक चलता रहा। शहर में टेंशन बढ़ने के पीछे एक सीडी की खासा चर्चा शहर में पिछले दो-तीन दिनों से टेंशन बढ़ा हुआ है।
इसके पीछे एक चर्चित सीडी की खासा चर्चा है। इसमें पाकिस्तान को टारगेट कर कुछ उत्तेजित करने वाले तथ्य होने की बात कभी कही जा रही है। प्रशासन का कहना था कि आखिर यह सीडी सभी पूजा पंडालों में कैसे पहुंच गई। जाहिर है कि कुछ लोग तनाव की साजिश रच रहे थे। प्रशासन ने इसी सीडी की वजह से डीजे पर पाबंदी लगाने का निर्णय लिया था।
लोगों का आरोप प्रशासनिक जिद के चलते हुई घटनाः शहर की पूजा समितियों से जुड़े सदस्य और आम लोग बार-बार एक ही बात कह रहे थे- प्रशासनिक जिद के चलते हुई यह घटना।
शहर में वर्षों से प्रतिमा विसर्जन की परंपरा रही है पर ऐसी घटना कभी नहीं हुई। आखिर विसर्जन जूलूस में डीजे नहीं बजेगा तो लोगों को कैसे लगेगा कि विसर्जन हो रहा है। फिर प्रशासन ने डीजे पर पाबंदी क्यों लगाई? प्रशासन का तर्क- सांप्रदायिक तनाव रोकने को डीजे पर पाबंदी उधर, प्रशासन का तर्क था कि शहर में पिछले दो-तीन दिनों से ऐसी स्थिति बन गई थी कि यदि डीजे बजाने की अनुमति दी जाती तो सांप्रदायिक तनाव बढ़ना तय था।
प्रशासन को यह मंजूर था कि पुलिस-पब्लिक में भले ही टेंशन हो पर सांप्रदायिक तनाव न हो। प्रशासन की मंशा बकरीद की नमाज अदा होने तक जुलूस रोके रहना था पर इसके पहले ही बवाल शुरू हो गया।
गंभीर रूप से घायल 1. राजेंद्र कुमार राय, हाउस गार्ड, डीएम कोठी 2. पिंटू कुमार, बॉडीगार्ड, डीएम 3. कृष्णा साह, छत्रधारी बाजार, नागरिक 4. राहुल कुमार, दहियांवा, नागरिक 5. हिमालय राय, योगिनिया कोठी, नागरिक कहां-कहां आगजनी व जाम - टेलीफोन एक्सचेंज कैम्पस - साहेबगंज चौक - दारोगा राय चौक - भगवान बाजार चौक - काशीबाजार चौक - श्यामचक चौक - गुदरी चौक - गुदरी बाहरी मोड़ - मौना चौक - गांधी चौक - नगरपालिका चौक -
घटनाक्रम टाइमलाइन
4.00 बजे : थाना चौक के समीप निर्धारित समयावधि बीत जाने की बात कह दौलतगंज की बजरंग बली की प्रतिमा सहित तीन अन्य प्रतिमाओं का विसर्जन प्रशासन ने रोका
4.30 बजे : डीएम व एसपी ने डीजे बजाने पर पाबंदी की बात कहते हुए यह शर्त मानने पर प्रतिमाओं को जाने देने की बात कही पर पूजा समिति के लोग तैयार नहीं हुए
5.00 बजे : हरवा-हथियार के साथ बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंचे और कलेक्ट्रेट की बाउंड्री पर लगे सीएम के पोस्टरों को फाड़ना शुरू किया
5.05 बजे : पुलिस ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज करते हुए खदेड़ा।
इस दौरान कुछ लोग हिरासत में लिये गये और शस्त्र भी जब्त किये गये
5.50 बजे : थाना चौक के पास धीरे-धीरे कर आम लोगों के बीच उपद्रवी भी जुटने लगे। बीच-बीच में नारेबाजी के बीच वार्ता होती रही पर सहमति नहीं बनी
7.00 बजे : थाना चौक के पास जुटे लोगों को खदेड़े जाने पर पुलिस व प्रशासन पर पथराव व पेट्रोल बम से हमला। जवाब में पुलिस ने भी पथराव किया, आंसू गैस के गोले छोड़े, हवाई फायरिंग।
यह क्रम लगातार आधे घंटे तक चलता रहा। कभी पुलिस भागती तो कभी उपद्रवी पीछे हटते।
7.45 बजे : टेलीफोन एक्सचेंज कैम्पस में खड़े वाहनों को उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया। इसके कुछ देर पहले साहेबगंज चौक पर खड़ी जेसीबी व नगर परिषद के ट्रैक्टर में भी लगाई गई आग
11.30 बजे : जलालपुर से आईटीबीपी के जवान पहुंचे और अंधाधुंध लाठियां बरसाने के बाद शहर में मार्च शुरू किया
11.45 बजे : मुजफ्फरपुर के आईजी पारसनाथ छपरा पहुंचे व अफसरों से बात की
2.00 बजे : उर्जा विभाग के सीएमडी प्रत्यय अमृत और एडीजी गुप्तेश्वर पांडेय पहुंचे। सीएमडी प्रत्यय अमृत और एडीजी पहंुचे छपरा जिस स्तर पर भी लापरवाही, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई छपरा।
शहर में उत्पन्न तनाव को देखते हुए राज्य सरकार ने उर्जा विभाग के सीएमडी प्रत्यय अमृत और एडीजी गुप्तेश्वर पांडेय को आनन-फानन में यहां भेजा। वे विशेष हेलीकॉप्टर से दोपहर करीब दो बजे छपरा पहुंच गये। स्थानीय सांसद राजीव प्रताप रूडी ने श्री अमृत को छपरा में हालात पर नियंत्रण करने के लिए भेजे जाने की सलाह राज्य के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से टेलीफोन पर बात कर उन्हें दी। रूडी ने अपने संसदीय क्षेत्र का हालात जानने के बाद मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से बात की और सीएमडी श्री अमृत का नाम सुझाया।
मालूम हो कि श्री अमृत छपरा से वाकिफ रहे हैं। बतौर डीएम उनकी पहली पोस्टिंग छपरा में ही हुई थी। इसके अलावा बाढ़ के दौरान वे एक बार एक महीने के लिए छपरा के विशेष डीएम भी बनाये गये थे। स्थानीय बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों में आज भी उनकी पहचान बनी हुई है। वहीं मुजफ्फरपुर के आईजी के रूप में गुप्तेश्वर पांडेय भी छपरा आते-जाते रहे थे। छपरा पहुंचने पर दोनों अधिकारियों ने कहा कि जिसके स्तर पर भी लापरवाही हुई है, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कमेटी बनाकर उसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए द्वय अधिकारियों ने कहा कि छपरा का सौहार्द्रपूर्ण व सद्भावपूर्ण इतिहास रहा है। घटना को असामाजिक तत्वों की करतूत बताते हुए अधिकारियों ने कहा कि यह किसी भी स्तर पर सांप्रदायिक नहीं है। अधिकारियों ने बीजेपी के पूर्व प्रत्याशी कन्हैया सिंह, जदयू के प्रदेश महासचिव शैलेन्द्र प्रताप, भाजपा उपाध्यक्ष रंजीत सिंह के अलावा शहर के अन्य प्रबुद्ध जनों से बात की।