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नवगछिया पुलिस जिला में प्राथमिकी दर्ज कराना आसान नहीं


नवगछिया पुलिस जिला में प्राथमिकी दर्ज कराना आसान नहीं है। यहाँ आम जनता की सहायता नहीं थानेदार अपनी सहायता के हिसाब से दर्ज करते हैं प्राथमिकी। जिसके कई नमूने अक्सर मिलते रहते हैं। जबकि डीजीपी बिहार का स्पष्ट आदेश है कि थाने में आये आवेदक का ससम्मान आवेदन लेना है। लेकिन नवगछिया पुलिस जिला के गोपालपुर थाना में आम आदमी के आवेदन की बात तो दूर की है। नवगछिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रामाशंकर राय के आदेश के बावजूद गोपालपुर थाना मे नहीं लिया गया आवेदन और दर्ज नहीं हुई प्राथमिकी। इसके बाद घायल महिला पुन: अपने बच्चों के साथ सुरक्षा की गुहार लगाने के लिए एसडीपीओ के शरण में पहुंची। 
गोपालपुर थाना क्षेत्र के अभिया निवासी मुबारक की पत्नी अफसाना खातून व उसके परिवार को जमीन विवाद को लेकर मोजिम मियां, शमशुल मियां, कारे मियां, नबाब मियां, नौशाद मियां सहित 11 लोगों ने घर में घुसकर मारपीट की। ससुर बचाने आए तो आरोपियों ने धारदार हथियार से मारकर सिर फाड़ दिया। बचाव के क्रम में महिला भी घायल हो गयी थी। महिला प्राथमिकी दर्ज करवाने गई तो थानाध्यक्ष ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। इसके बाद वह एसडीपीओ का आदेश लेकर थाना पहुंची तो गोपालपुर थानाध्यक्ष थानाध्यक्ष ने प्राथमिकी दर्ज करने की बजाय महिला को डांट-डपट कर थाना से भगा दिया। थक कर घायल महिला पुनः एसडीपीओ कार्यालय आकर अपना आवेदन दी। 
बताते चलें कि गोपालपुर थाना के इसी रवैये के कारण 4 जनवरी की सरे शाम पंकज कुमार की हत्या हो गयी। जिसके लिए भी लोग पहले थाना में कार्रवाई कराने को गए थे। जिसके नहीं होने पर हत्या हो गयी।