दागी विधायकों और सांसदों को बचाने वाले विवादित अध्यादेश को सरकार ने वापस ले लिया है। बुधवार शाम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला किया गया। सरकार ने अध्यादेश और बिल दोनों वापस ले लिया है। दोपहर में ही यह साफ हो गया था कि सरकार इस विवादित अध्यादेश को वापस लेगी बस इसपर कैबिनेट की बैठक में मुहर लगने का इंतजार हो रहा था।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने बैठक के कुछ ही देर बाद दागी सांसदो,विधायकों संबंधी अध्यादेश और बिल को वापस लिए जाने की पुष्टि की। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने सर्वसम्मति से इस अध्यादेश को वापस लेने का फैसला किया है।
मंत्रिमंडल द्वारा 24 सितंबर को मंजूर यह अध्यादेश अभी राष्ट्रपति के पास विचाराधीन है। राहुल गांधी द्वारा इस अध्यादेश पर आपत्ति जताए जाने के बाद से राजनीतिक गलियारे में तूफान मचा हुआ था। इसी की पृष्ठभूमि में मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई थी। जानेमाने सामाजिक कार्यकर्ता और गांधीवादी अन्ना हजारे ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
गौरतलब है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इस अध्यादेश पर कड़ा विरोध जताया था। उन्होंने अध्यादेश को फाड़कर फेंके जाने की बात कही थी। तभी से सियासी गलियारों में यह कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार यह अध्यादेश वापस लेगी।
