ओलिंपियन
सुशील कुमार कंधे की चोट से उबरकर वापसी करने को तैयार हैं। वे सितंबर में
हंगरी में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे। इससे पहले भी वे
कोच की सलाह पर मुकाबले में उतरेंगे। पिछले महीने
नई दिल्ली में संपन्न एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में सुशील इस चोट की वजह से हिस्सा नहीं ले पाए थे।
इंदौर महाभीम दंगल में बतौर अतिथि यहां हिस्सा लेने आए सुशील ने कहा मेरे हाथ में चोट लग गई थी। अब मैं पूरी तरह ठीक हूं और ट्रेनिंग शुरू कर दी है। मैं दमखम दिखाने के लिए तैयार हूं। दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता सुशील के साथ योगेश्वर दत्त भी एशियाई कुश्ती में हिस्सा नहीं ले पाए थे। सुशील ने कहा, दो सीनियर खिलाडिय़ों के नहीं होने के बावजूद भी भारतीय टीम फ्रीस्टाइल सीनियर कुश्ती में एशियन चैंपियन बनी। यह बड़ी उपलब्धि है। सभी खिलाडिय़ों ने बेहतर प्रदर्शन किया। खासकर महिला पहलवानों का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा। भारत ने दो स्वर्ण, एक रजत और 6 कांस्य सहित कुल 9 पदक हासिल किए थे।
कुश्ती एकेडमी पर चर्चा 7 को : सुशील कुमार इंदौर या मध्यप्रदेश में कुश्ती एकेडमी खोलने के बारे में मध्यप्रदेश सरकार से 7 मई को विस्तृत चर्चा करेंगे। उन्होंने बताया, मैं अभी चोट की वजह से इस बारे में आगे नहीं बढ़ पाया हूं। भोपाल में 7 मई को मैं सरकार के साथ बैठक कर इस पर बातचीत करूंगा। सुशील ने मध्यप्रदेश और हरियाणा सरकार के खेल की दिशा में चल रहे प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा, देश में दो मुख्यमंत्री मप्र में शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा में भूपिंदर सिंह हुडा खिलाडिय़ों के लिए अच्छा काम कर रहे हैं। वे खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करते हैं। सभी सुविधाएं मिल रही हैं तो खिलाडिय़ों को भी दम दिखाने की जरूरत है।
कुश्ती में भी लीग : आईपीएल की तर्ज पर इस साल नवंबर में इंडियन रेसलिंग लीग प्रस्तावित है। इस बारे में एक सवाल के जवाब में सुशील ने कहा, लीग से कुश्ती खिलाडिय़ों को बढ़ावा मिलेगा। डोपिंग पर सुशील ने खिलाडिय़ों को आगाह करते हुए कहा कि उन्हें अपने डॉक्टर के सलाह से ही कोई भी सप्लीमेंट लेना चाहिए। डोपिंग में नाम आने पर खेल और खिलाड़ी दोनों की बदनामी होती है।
कुश्ती की वापसी का भरोसा : सुशील कुमार को 2020 ओलिंपिक में कुश्ती को बरकरार रखे जाने का भरोसा है। उन्होंने कहा दुनियाभर के 170 देशों ने कुश्ती के समर्थन में फेडरेशन और अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक संघ पर दबाव बनाया है। मंगोलिया या रूस में भारतीय पहलवानों को प्रशिक्षण पर सुशील ने कहा, वहां विश्व स्तरीय पहलवान हैं और अच्छी सुविधाएं है। इसलिए वहां का अनुभव हमारे अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए उपयोगी है।
नई दिल्ली में संपन्न एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में सुशील इस चोट की वजह से हिस्सा नहीं ले पाए थे।
इंदौर महाभीम दंगल में बतौर अतिथि यहां हिस्सा लेने आए सुशील ने कहा मेरे हाथ में चोट लग गई थी। अब मैं पूरी तरह ठीक हूं और ट्रेनिंग शुरू कर दी है। मैं दमखम दिखाने के लिए तैयार हूं। दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता सुशील के साथ योगेश्वर दत्त भी एशियाई कुश्ती में हिस्सा नहीं ले पाए थे। सुशील ने कहा, दो सीनियर खिलाडिय़ों के नहीं होने के बावजूद भी भारतीय टीम फ्रीस्टाइल सीनियर कुश्ती में एशियन चैंपियन बनी। यह बड़ी उपलब्धि है। सभी खिलाडिय़ों ने बेहतर प्रदर्शन किया। खासकर महिला पहलवानों का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा। भारत ने दो स्वर्ण, एक रजत और 6 कांस्य सहित कुल 9 पदक हासिल किए थे।
कुश्ती एकेडमी पर चर्चा 7 को : सुशील कुमार इंदौर या मध्यप्रदेश में कुश्ती एकेडमी खोलने के बारे में मध्यप्रदेश सरकार से 7 मई को विस्तृत चर्चा करेंगे। उन्होंने बताया, मैं अभी चोट की वजह से इस बारे में आगे नहीं बढ़ पाया हूं। भोपाल में 7 मई को मैं सरकार के साथ बैठक कर इस पर बातचीत करूंगा। सुशील ने मध्यप्रदेश और हरियाणा सरकार के खेल की दिशा में चल रहे प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा, देश में दो मुख्यमंत्री मप्र में शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा में भूपिंदर सिंह हुडा खिलाडिय़ों के लिए अच्छा काम कर रहे हैं। वे खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करते हैं। सभी सुविधाएं मिल रही हैं तो खिलाडिय़ों को भी दम दिखाने की जरूरत है।
कुश्ती में भी लीग : आईपीएल की तर्ज पर इस साल नवंबर में इंडियन रेसलिंग लीग प्रस्तावित है। इस बारे में एक सवाल के जवाब में सुशील ने कहा, लीग से कुश्ती खिलाडिय़ों को बढ़ावा मिलेगा। डोपिंग पर सुशील ने खिलाडिय़ों को आगाह करते हुए कहा कि उन्हें अपने डॉक्टर के सलाह से ही कोई भी सप्लीमेंट लेना चाहिए। डोपिंग में नाम आने पर खेल और खिलाड़ी दोनों की बदनामी होती है।
कुश्ती की वापसी का भरोसा : सुशील कुमार को 2020 ओलिंपिक में कुश्ती को बरकरार रखे जाने का भरोसा है। उन्होंने कहा दुनियाभर के 170 देशों ने कुश्ती के समर्थन में फेडरेशन और अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक संघ पर दबाव बनाया है। मंगोलिया या रूस में भारतीय पहलवानों को प्रशिक्षण पर सुशील ने कहा, वहां विश्व स्तरीय पहलवान हैं और अच्छी सुविधाएं है। इसलिए वहां का अनुभव हमारे अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए उपयोगी है।
