पीएम उम्मीदवारी पर नरेंद्र मोदी के विरोध स्वरूप जदयू ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की लकीर खींच दी है। मोदी से
परहेज की स्पष्ट बात करते हुए जदयू ने भाजपा को जल्द प्रधानमंत्री
उम्मीदवार घोषित करने के दबाव से मुक्त कर दिया है।
राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन रविवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाषण देंगे। इस दौरान वे अपनी पार्टी की धर्मनिरपेक्ष छवि और मोदी के विरोध के मुद्दे पर अपने विचार रख सकते हैं।
राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन रविवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाषण देंगे। इस दौरान वे अपनी पार्टी की धर्मनिरपेक्ष छवि और मोदी के विरोध के मुद्दे पर अपने विचार रख सकते हैं।
जदयू के राष्ट्रीय अधिवेशन के पहले दिन राज्यों की रिपोर्टिंग के
दौरान एनडीए की तरफ से पीएम उम्मीदवार का सबसे माकूल व्यक्ति आडवाणी को
बताया गया। जदयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा है कि आडवाणी सबसे
अनुभवी राजनेता हैं। वाजपेयी सरकार में उनके साथ जदयू ने काम किया है।
उन्होंने दो-टूक शब्दों में मोदी की दावेदारी को यह कहकर खारिज कर दिया है
कि ‘जदयू धर्मनिरपेक्षता के मामले में कभी समझौता नहीं करेगी। पार्टी की
धर्मनिरपेक्षता की साख हमेशा बनी रहेगी।’ उन्होंने कहा कि एनडीए में शामिल
होते वक्त लिखित में यह तय हुआ था कि धारा 370, राम मंदिर और समान नागरिक
संहिता पर किसी तरह का समझौता नहीं होगा।
जदयू की ओर से गुजरात दंगों को रोकने में नरेंद्र मोदी कि विफलता का
भी जिक्र किया गया। केसी त्यागी ने कहा है कि मोदी को भाजपा पीएम उम्मीदवार
बना रही है यह तब तक नहीं कहा जा सकता है जब तक भाजपा का संसदीय बोर्ड या
राष्ट्रीय अध्यक्ष इसकी घोषणा नहीं करता है।
नीतीश पीएम पद के दावेदार नहीं
जदयू के राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद पार्टी के प्रधान महासचिव केसी
त्यागी ने दो-टूक शब्दों में कहा कि नीतीश कुमार पीएम पद के उम्मीदवार नहीं
है। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस जदयू की विरोधी है जबकि
भाजपा दोस्त।
भाजपा पर दबाव नहीं
जदयू ने भाजपा को दोस्त बताते हुए कहा है कि दोस्ती में दबाव नहीं
बनाया जाता है। पार्टी ने साफ किया है कि पीएम उम्मीदवार तय करने को लेकर
जदयू ने भाजपा को कोई डेडलाइन नहीं दी है। न तो इसके लिए कोई दबाव बनाया
गया है।
गठबंधन धर्म का रोना
हालांकि जदयू के राष्ट्रीय अधिवेशन में गठबंधन धर्म का रोना रोया गया।
पार्टी के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि
कर्नाटक, झारखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात और कई अन्य राज्यों में भाजपा ने
गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया। चुनाव के दौरान सीट बंटवारे में, मुद्दा तय
करने आदि में भाजपा की तरफ से गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया गया।
शरद यादव तीसरी बार अध्यक्ष बने
शरद यादव को लगातार तीसरी बार जद-यू का अध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी
प्रवक्ता केसी त्यागी ने बताया कि शरद यादव निर्विरोध चुने गए हैं। उन्हें
तीसरी बार चुनने के लिए पार्टी के संविधान में संशोधन करना पड़ा। यादव पहली
बार 2006 में पार्टी अध्यक्ष बने थे। उन्होंने जॉर्ज फर्नांडीज को हराया
था।
भाजपा ने साधी चुप्पी
गुजरात दंगे रोकने में मोदी को नाकाम बताने वाले जदयू के बयान पर
भाजपा ने चुप्पी साध ली है। पार्टी नेताओं ने इस पर कुछ भी कहने से मना कर
दिया है। कुछ वरिष्ठ नेता अनौपचारिक तौर पर सिर्फ यह कह रहे हैं कि जदयू का
हर विचार यदि भाजपा जैसा होता तो फिर दोनों अलग-अलग दल नहीं होते। जदयू के
हर मत पर पार्टी अपनी प्रतिक्रिया नहीं दे सकती।
