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एटीएम कार्ड की तरह होगा रंगीन ईपिक, दर्ज होगा बार कोड

बदलते जमाने के साथ आपकी पहचान का साथी और वोट डालने का मूल दस्तावेज यानी फोटो युक्त मतदाता पहचान पत्र (ईपिक) का स्वरूप भी बदलने जा रहा है। ब्लैक एण्ड व्हाइट के बदले यह भी अब कलरफुल होगा।
अभी तक यह मोटे कागज-कार्ड पर तैयार होता है जिसे सुरक्षित रखने के लिए लेमिनेट कराया जाता है। अब यह पीवीसी कार्ड पर तैयार होगा। चुनाव आयोग कुछ इसी तैयारी में लगा है। इस योजना ने आकार पाया तो यह ड्राइविंग लाइसेंस या एटीएम कार्ड की भांति होगा। आपकी रंगीन तस्वीर रहेगी। आसानी से कोई डुप्लीकेट न बना पाये इसके लिए होलोग्राम है। मगर नए कार्ड में बार कोड दर्ज रहेगा। कार्ड पर ही बूथ नंबर की इंट्री भी रहेगी। जिलों में इसके निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया आरंभ है। साफ्टवेयर तैयार होना है। हाल की नई व्यवस्था के तहत वोटरों का डाटा बेस मुख्य चुनाव अधिकारी के सर्वर पर सुरक्षित हो गया है। अगर किसी वोटर को नाम आदि में किसी तरह का संशोधन कराना है तो सर्वर के डाटा में संशोधन कराना होगा।
आनलाइन आवेदन और ईपिक
बूथ पर जाकर तस्वीर खिंचाने, कतार में खड़े होकर नाम शामिल कराने, हटवाने या संशोधन के लिए आवेदन के बदले अपने लैपटाप या किसी कंप्यूटर के माध्यम से निर्धारित फार्म में निर्वाचक निबंधन अधिकारी (ईआरओ) को मेल कर सकते हैं। ईआरओ उसे डाउनलोड करेंगे और बूथ लेबल अफसर को आपसे फार्म भराने या दस्तखत कराने का काम पूरा करेंगे। ईआरओ द्वारा आवेदन स्वीकृत किए जाने के बाद यह मुख्य चुनाव अधिकारी के सर्वर पर चला जाएगा। आपका काम पूरा हुआ। इसी सूचना के आधार पर आपका फोटो पहचान पत्र बनेगा। अगर आवेदन में नाम में कोई गलती रह गई है कार्ड में भी रहेगा। अलग से डाटा शुद्ध करने की व्यवस्था नहीं है। पुन: विधिवत निर्धारित फार्म भरकर मुख्य चुनाव अधिकारी के सर्वर के डाटा में संशोधन कराना होगा।
मौजूदा स्थिति : सुरक्षित चुनाव के लिए और स्वच्छ वोटर लिस्ट के निर्माण पर जोर बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम फोटो युक्त मतदाता पहचान पत्र के बाद फोटो युक्त वोटर लिस्ट की व्यवस्था की गई। फोटो वोटर-लिस्ट यानी मतदाता सूची में मतदाता के नाम के साथ उसकी तस्वीर भी। अब तो यह मुकाम पा चुका है। इसी साल 21 जनवरी को को प्रकाशित वोटर लिस्ट में 5,92,22,225 मतदाताओं में 5,67,21,282 वोटरों की तस्वीर शामिल हो चुकी है। यानी 96 फीसद वोटरों की तस्वीर वोटर लिस्ट में है। 89 फीसद वोटरों को फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र भी मुहैया कराया जा चुका है। वोटर लिस्ट पुनरीक्षण की प्रक्रिया में शिकायत की गुंजाइश न रहे इसे ध्यान में रखते हुए नाम जोड़ने, संशोधन कराने या नाम काटने के लिए आने वाले आवेदनों में अस्वीकृत आवेदनों का भी कारण सहित डाटाबेस सुरक्षित रखा गया। सूचीबद्ध कर इसे सीईओ की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया गया। आवेदन करने वाले को नाम शामिल कराने या कटवाने के लिए आवेदन करने के साथ ही उन्हें पावती रसीद दी गई। ताकि वे अपने स्थिति जान सकें। यह व्यवस्था इलेक्ट्रोल रोल मैनेजमेंट सिस्टम के तहत की गई।