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वैज्ञानिक रणनीति ही दिला सकती है ग्लोबल वार्मिंग से निजात

पर्यावरण संतुलन के नये तरीके के विषय पर नवगछिया के जीबी कॉलेज में आयोजित सेमीनार का समापन रविवार को किया गया. इस मौके पर समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए जमुई के सांसद भूदेव चौधरी ने कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा ग्लोबल वार्मिग से निपटने के लिए एक रणनीति बनाने की आवश्यकता है.

इस मौके पर उन्होंने नवगछिया जैसे छोटे से स्थल पर इस तरह के आयोजन के लिए आयोजकों व देश के कोने कोने से आये वैज्ञानिकों को धन्यवाद भी दिया.
रविवार को वैज्ञानिक सत्र की अध्यक्षता इलाहावाद विवि के प्रो आरके दूबे ने किया. इस सत्र में कोलकाता के डा सुदीप दास ने एएनएन न्यूरो नेटवर्किंग पर आपना व्याख्यान दिया. साहा इंस्टीट्यूट आफ न्यूक्लीयर फिजिक्स की डॉ विनीता ने जलवायु परिवर्तन के मॉडल की व्याख्या की. वहीं अवंतिका, अजय कुमार एवं बीके दास ने अपना शोध पत्र भी प्रस्तुत किया.
चौथे वैज्ञानिक सत्र की अध्यक्षता इंडियन केमिकल सोसाइटी के सचिव डा सीसी मुखर्जी ने किया. इस मौके पर अनिमेश रक्षित ने सांइंस पर व्याख्यान देते हुए कहा कि नैनो कण के द्वारा नैनो सिमेंट बनाया जा सकता है और आइब्रूफेन जैसे दवा का भी संसोधित संस्करण निकाला जा सकता है जो वातावरण संतुलन के दृष्टिकोण से काफी बेहतर होगा.
अंतिम सत्र की अध्यक्षता सबौर कालेज के प्राचार्य प्रो डा जनार्दन शर्मा ने किया. इस मौके पर बी मिश्रा ने आयोडीन की कमी और इससे होने वाले घेघा रोग और निदान के अत्याधुनिक तकनीक के बारे में लोगों को अवगत कराया. आयोजन का समापन संचालक डा अशोक झा ने संबोधन के बाद किया गया. इस आयोजन में जीबी कालेज नवगछिया के प्राचार्य प्रो डा अरुण कुमार मिश्रा, डा डीके मिश्रा, डी बीके दास, डा अशोक सिंहा, डा बिंदेश्‍वरी सिंह, डा शिवेश्‍वर झा, अभविप के अजय कुमार, मुकेश राणा, अकलेश यादव, जेम्स आदि की भी सक्रिय भागीदारी देखी गयी.