देश भर में आम लोगों को आज से दो दिन काफी भारी पड़ने वाले हैं।
आज से देश भर के ट्रेड यूनियनों ने दो दिनों के हड़ताल जारी कर दी है।
इसके साथ ही आम लोगों के साथ मुसीबतों की मारामारी भी शुरू हो गयी है | करीब
ढाई करोड़ लोगों के हड़ताल पर जाने की आशंका के चलते बैंकिंग, इंश्योरेंस, टेलीकॉम, पोस्टल, तेल और गैस सेक्टर के कामकाज पर असर पड़ेगा। इसके अलावा सरकारी बसों, ऑटो और टैक्सी को लेकर भी मुसीबतें झेलनी पड़ सकती है।
ढाई करोड़ लोगों के हड़ताल पर जाने की आशंका के चलते बैंकिंग, इंश्योरेंस, टेलीकॉम, पोस्टल, तेल और गैस सेक्टर के कामकाज पर असर पड़ेगा। इसके अलावा सरकारी बसों, ऑटो और टैक्सी को लेकर भी मुसीबतें झेलनी पड़ सकती है।
दो दिन तक चलने वाले हड़ताल का असर
दिखने लगा है। दिल्ली में आधी रात से ही ऑटो और टैक्सियों ने चलना बंद कर
दिया। कुछ ऑटो वालों ने मुसाफिरों को उनकी मंजिल तक ले जाना चाहा, तो उनसे
मारपीट की गई। जबरन उन्हें भी बंद में शामिल किया गया। यानी सभी ऑटो
ड्राइवर अपनी मर्जी से हड़ताल में शामिल नहीं हैं उनकी गाड़ियां जबरन रोकी
जा रही है।
ये हैं मांग
- महंगाई के लिए जिम्मेदार सरकारी नीतियां बदली जाएं।
- मिनिमम वेज (न्यूनतम भत्ता) बढ़ाया जाए।
- सरकारी संगठनों में अनुकंपा के आधार पर नौकरियां दी जाएं।
- आउटसोर्सिंग के बजाए रेगुलर कर्मचारियों की भर्तियां हों।
- सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी प्राइवेट कंपनियों को न बेची जाए।
- बैंकों के विलय (मर्जर) की पॉलिसी लागू न की जाए।
- केंद्रीय कर्मचारियों के लिए भी हर पांच साल में वेतन में संशोधन हो।
- न्यू पेंशन स्कीम बंद की जाए, पुरानी स्कीम ही लागू हो।
