विजय घाट के निर्माणाधीन पक्का पुल के फोर लेन संपर्क पथ के कार्य को ठप
कर दिये जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं
दिये जाने के बाद शनिवार को कदवा गांव में किसान धनराज सिंह की अध्यक्षता
में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया. इसमें किसानों ने अपनी छह सूत्री
मांगों को लेकर आवाज बुलंद किया.अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला संयोजक कॉमरेड बिंदेश्वरी मंडल ने किसानों की छह सूत्री मांगों को लेकर आगे की रणनीति घोषित की. श्री मंडल ने कहा कि आंदोलन के पांच दिन के बाद भी प्रशासन ने किसानों की समस्या के समाधान की कोई ठोस पहल नहीं की. उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर को कदवा में पदयात्रा कर किसानों के बीच जागरण अभियान चलाया जायेगा. मांगें पूरी नहीं होने पर 15 दिसंबर को आंदोलन को और उग्र किया जायेगा. जरूरत पड़ी तो पुल के निर्माण कार्य को भी बाधित कर दिया जायेगा. 25 दिसंबर को कदवा से भागलपुर तक साइकिल मार्च निकाला जायेगा. कदवा शहीद स्मारक से मार्च शुरू कर भागलपुर के शहीद चौक पर पहुंच कर समाप्त होगा.
यह भी निर्णय लिया गया कि 13 दिसंबर को महासभा का विस्तार किया जायेगा. किसान पंचायत में किसानों ने खाद-बीज के मूल्यों में हो रही वृद्धि के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. वहीं पीपा पुल के चालू न होने की समस्या को भी किसान पंचायत में उठाया गया. ग्रामीणों ने पीपा पुल के नहीं जु.डे रहने की समस्या बताते हुए कहा कि नवगछिया से कदवा आने में 30 से 35 रुपये खर्च करने पड़ते हैं. महापंचायत में उमाकांत राय, उत्तम भगत, कपिलदेव सिंह, गाजो पासवान, उमेश राय, सर्वण सिंह, अर्जुन मिस्त्री, शांति देवी, श्यामसुंदर भगत, जिला परिषद प्रप्रतिनिधि निरंजन भारती, अंबिका मंडल के अलावा बड़ी संख्या में किसान मौजूद थी.