नवमी को हवन-पूजन के बाद श्रद्धालु मां दुर्गा के प्रतिमा के दर्शन को
निकल रहे हैं। इसके साथ ही श्रद्धा, भक्ति, अध्यात्म के संगम माने जाने वाले
नवरात्रि पर लोक उत्सव का रंग चढ़ने लगा है। शाम होते-होते मां के दर्शन के
लिए सड़कों पर जनसैलाब दिखने लगेगा। दशमी बुधवार को दशहरा मनाया जायेगा।
सोमवार अष्टमी को भी लोग मा के दर्शनार्थ पंडालों में पहुंचे लेकिन शहर की परंपरा को जानने-समझने वाले कहते हैं कि यहां नवमी को ही सबसे अधिक भीड़ जुटती है। शहर ही नहीं आस-पास के ग्रामीण इलाकों से लोग बस, ट्रैक्टर, निजी वाहनों, मोटर साइकिल पर सवार
हो पहुंचते हैं। रातभर पंडालों में दर्शन का क्रम चलता है। विगत कुछ वर्षो से यहां प्रतिमा विसर्जन दशमी के अगले दिन करने की परंपरा बन गयी है। दशहरा को भी लोग पंडालों में घुमते हैं।
सोमवार अष्टमी को भी लोग मा के दर्शनार्थ पंडालों में पहुंचे लेकिन शहर की परंपरा को जानने-समझने वाले कहते हैं कि यहां नवमी को ही सबसे अधिक भीड़ जुटती है। शहर ही नहीं आस-पास के ग्रामीण इलाकों से लोग बस, ट्रैक्टर, निजी वाहनों, मोटर साइकिल पर सवार
हो पहुंचते हैं। रातभर पंडालों में दर्शन का क्रम चलता है। विगत कुछ वर्षो से यहां प्रतिमा विसर्जन दशमी के अगले दिन करने की परंपरा बन गयी है। दशहरा को भी लोग पंडालों में घुमते हैं।
