नवगछिया । लक्ष्मी प्राप्ति के लिए लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व होता है। दीपावली के अवसर पर लक्ष्मी पूजा का अति विशेष महत्व बताया गया है। वह भी श्री गणेश जी महाराज के साथ। इसलिए दीपावली के मौके पर हर घरों में श्री गणेश एवं महालक्ष्मी जी की पूजा शुक्रवार की रात की गई। जबकि विभिन्न प्रतिष्ठानों में श्रीगणेश महालक्ष्मी के साथ-साथ काली, सरस्वती, धूप-दीप, वरूण देवता, अग्नि देवता, कुबेर, नवग्रह एवं षोड़ष मात्रिका इत्यादि का भी पूजन वैदिक विधि विधान से संपन्न हुआ। इस दौरान अधिकांश प्रतिष्ठानों एवं घरों में वृष या सिंह जैसे स्थिर लग्न में पूजा हुई। जिसके तहत शाम सवा छ: से आठ बजे तक या फिर पौने एक बजे से सवा दो बजे के बीच का समय पंडितों द्वारा अनुकूल बताया गया था मान्यता है कि इस समय पूजन करने से आने वाली लक्ष्मी ज्यादा समय तक स्थिर रहती है। यह अलग बात थी कि पंडितों की कमी के कारण बिना समय के पाबंदी के रात भर लक्ष्मी पूजन का सिलसिला जारी रहा।