जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी । तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥टेक॥ मांग सिंदूर बिराजत, टीको मृग-मद को । उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्र…