अगर व्यवस्था नहीं थी तो आमंत्रित क्यों किया?
विधायक गोपाल मंडल ने कहा कि हम लोग बड़े उत्साह से आए थे कि राज्यपाल और कृषि मंत्री के साथ बैठेंगे और उनका भाषण सुनेंगे। लेकिन रोड जाम होने की वजह से हम लोग थोड़ा लेट हो गए। मंच पर पहुंचा तो देखा कि हमारे लिए कुर्सी नहीं लगी है। मैं तुरंत कुलपति से मिला और उनसे कहा कि आपने हमें आमंत्रित किया है तो ये आपका कर्तव्य बनता है कि मुझे मंच पर जगह मिले। जिस तरह सभी को पगड़ी पहनाकर बिठाया है तो क्या मुझे पगड़ी पहनाकर नहीं बिठा सकते थे? क्या मंच पर दो-तीन कुर्सियां और नहीं लग सकती थी? हमें यहां कोई पूछने वाला नहीं था। अगर व्यवस्था नहीं थी तो आमंत्रित क्यों किया? विधायक ने कुलपति से कहा कि अगर आप पढ़े लिखे हैं तो हमें भी समाज और परिस्थितियों ने बहुत पढ़ाया है। इसलिए आप मुझसे बहुत जूनियर हैं।
सांसद अजय मंडल ने भी मंच पर जगह नहीं मिलने पर नाराजगी जताई
विधायक के साथ ही जदयू सांसद अजय मंडल ने भी मंच पर जगह नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विद्वानों को इसकी शिक्षा होनी चाहिए कि एमपी-एमएलए को कहां बिठाना चाहिए। ये व्यवस्था विश्वविद्यालय प्रबंधन को करनी चाहिए। विद्वानों को प्रोटोकॉल की जानकारी होनी चाहिए।