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एक एकड़ जमीन वाले परिवार भूमिहीन की श्रेणी में

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में बिहार भूदान यज्ञ अधिनियम की धारा 2 डी (1, 2) में आवश्यक संशोधन पर भी चर्चा हुई। इसके तहत एक एकड़ जमीन धारित करने वाले परिवारों को भूमिहीन की श्रेणी में माना जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सर्वे पर जोर देते हुए कहा कि सबसे महत्वपूर्ण कार्य सर्वे का है। इस दौरान उन्होंने यह निर्देश भी दिया कि नियमित रूप से दाखिल-खारिज सुनिश्चित किए जाने को ले सभी जिले में हर हफ्ते राजस्व कैंप लगाए जाएं।

भूमि विवाद को ले प्रत्येक हफ्ते शनिवार को थाना एवं अंचल स्तर पर जो संयुक्त बैठक होती है उसकी मानीटरिंग राजस्व विभाग अपने स्तर पर करे। उन्होंने यह निर्देश दिया कि सभी अनुमंडल अधिकारियों को अपर जिला भू अर्जन पदाधिकारी की शक्ति प्रदान की जाए ताकि भू अर्जन के काम में तेजी लायी जा सके।

मुख्यमंत्री ने पटना में गंगा पथ परियोजना के लिए चल रहे भू-अर्जन की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जहां-जहां सरकारी भूमि पर कब्जे की समस्या आ रही है उसका समाधान राजस्व व पथ निर्माण विभाग पटना जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर करे।

गंगा नदी के ऊपर कच्ची दरगाह से वैशाली के बिदुपुर के बीच बनने वाले छह लेन के पुल के संबंध में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस प्रोजेक्ट के लिए भू अर्जन के शीघ उपाय किए जाएं। दीघा रेल सह सड़क पुल परियोजना के सिलसिले में बिंद टोली के परिवारों के पुनर्वास मामले में भी मुख्यमंत्री ने अपडेट लिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि सुधार के लिए यह जरूरी है कि इसके लिए चल रहे हवाई सर्वेक्षण की गति को और तेज किया जाए। राजस्व विभाग के प्रधान सचिव व्यास जी ने बताया कि मुख्यमंत्री को यह जानकारी दी गयी कि मार्च 2016 से यह प्रक्रिया औैर तेज होगी।

जून 2016 तक सभी 38 जिलों में हवाई फोटोग्राफी के काम को पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आपरेशन दखल देहानी और अभियान बसेरा की प्रगति की भी समीक्षा की।

बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डा. मदन मोहन झा, व विभाग के प्रधान सचिव व्यास जी व ऊर्जा सचिव प्रत्यय अमृत भी शामिल हुए।