केरल की राज्यपाल के पद से शीला दीक्षित ने इस्तीफा दे दिया और इस वर्ष मई में राजग सरकार के सत्ता में आने के बाद से वह संप्रग द्वारा नियुक्त आठवीं राज्यपाल हैं जिन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है।
76 वर्षीय दीक्षित ने कहा कि उन्होंने कल राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंपा। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रपति सचिवालय ने उनके इस्तीफे को आवश्यक कदम उठाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास भेज दिया है।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने इस्तीफा दे दिया है और इस पर मैं टिप्पणी नहीं करना चाहती। दीक्षित ने कहा कि इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद ही वह इस मुद्दे पर कुछ बोलेंगी।
इसके साथ ही दीक्षित आठवीं राज्यपाल हैं जिन्होंने 26 मई को नरेन्द्र मोदी सरकार बनने के बाद से अपना इस्तीफा सौंपा है।
संप्रग द्वारा नियुक्त छह राज्यपाल - क़े शंकरनारायणन (महाराष्ट्र), एम़ क़े नारायणन (पश्चिम बंगाल), अश्वनी कुमार (नगालैंड), बी़ एल़ जोशी (उत्तरप्रदेश), बी़ वी़ वांचू (गोवा) और शेखर दत्त (छत्तीसगढ़) पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं।
इस वर्ष जुलाई में मिजोरम के राज्यपाल वी़ पुरुषोत्तमन को नगालैंड स्थानांतरित करने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
दीक्षित 1998 से 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं और लोकसभा चुनावों के लिए आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले उन्हें केरल का राज्यपाल नियुक्त कर दिया गया।
इस तरह के संकेत थे कि दीक्षित का मिजोरम तबादला किया जा सकता है जहां पहले शंकरनारायणन और कमला बेनीवाल का तबादला किया गया था।
