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अपने चरम पर पहुंची नवगछिया अंचल के आरटीपीएस काउंटर की मनमानी


नवगछिया अंचल के आरटीपीएस काउंटर में मनमानी अपने चरम पर जा चुकी है। जहां जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद दाखिल-खारिज नहीं होती। लोगों को बे वजह रोजाना दौड़ाया जाता है। यह शिकायत प्रखंड क्षेत्र के कई लोग करने लगे हैं।
जहां नया टोला बोड़वा निवासी लक्ष्मण मंडल बताते हैं कि एक वर्ष पूर्व 29 डीसमल जमीन के दाखिल-खारिज के लिए आरटीपीएस काउंटर में आवेदन दिया था। जमीन की दाखिल-खारिज करने के बजाय तीन बार आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया। एक बार वंशावली की मांग की गई। वंशावली देकर आवेदन किया तो बटवारानामा मांगा गया। बटवारानामा देकर आवेदन करने के बाद भी अस्वीकार कर दिया। 22 अप्रैल 2013 को जिलाधिकारी नर्मदेश्वर लाल सभी कागज देखने के पश्चात सीओ मिथिलेश कुमार को दाखिल-खारिज करने का आदेश दिया था। किंतु जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी दाखिल-खारिज नहीं हुआ।
वहीं प्रखंड के भगवानबाबू कचहरी टोला कदवा निवासी लटुरन शर्मा कहते हैं कि विगत नौ माह से जमीन की दाखिल-खारिज के लिए दौड़ रहा हूं। किंतु दाखिल-खारिज नहीं हुआ। दाखिल-खारिज का आवेदन यह कहकर अस्वीकृत कर दिया गया कि जमाबंदी रैयत से विक्रेता का मिलान नहीं हो रहा हैं। जबकि पीड़ित के पास विक्रेता के नाम से जमीन का खतियान हैं। 
मौके पर ही तैतरी निवासी शंकर कुंवर कहते हैं विगत छ माह से जमीन की बदोबस्ती के लिए अंचल का चक्कर लगा रहा हूं किंतु जमीन की बदोबस्ती नही हुई हैं। पुत्र फौज में हैं। उसी के नाम से जमीन का बदोबस्त करवाना हैं किंतु बदोबस्ती नही हुई। रुपये लेने के बाद भी दौड़ाया जाता है। काम नही होता हैं। 
जबकि लक्ष्मीपुर निवासी मनोज शर्मा कहते हैं कि नयाटोला में जमीन की खरीदी थी। जमीन की दाखिल-खारिज के लिए नवगछिया आरटीपीएस काउंटर में आवेदन दिया था, छह माह दौड़ाने के बाद किसी तरह से जमीन की दाखिल-खारिज हुई।