नवगछिया न्यायालय के एक मामले में नवगछिया पुलिस द्वारा सत्रह वर्षों से अनुपल्ब्ध बताए जा रहे एक आरोपी अधिवक्ता ने आखिरकार सोमवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर ही दिया। जिस मामले में अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत द्वारा नवगछिया के पुलिस अधीक्षक तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी से स्पष्टीकरण भी पूछा गया था। जिसे लेकर उक्त अधिवक्ता एवं उनके परिजनों पर नवगछिया पुलिस का दवाब काफी बढ़ गया था। जिसकी वजह से आखिरकार सोमवार को धोबोनिया निवासी नवगछिया कोर्ट के अधिवक्ता सियाराम यादव ने आत्मसमर्पण कर दिया। जिन्हें अदालत द्वारा न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जहां इस मामले को लेकर नवगछिया कोर्ट के कई अधिवक्ता उनकी तत्काल जमानत का काफी प्रयास किये। वहीं नवगछिया का उक्त कोर्ट अपने मामले पर अडिग रहा । और अंततः उक्त आरोपी अधिवक्ता को जेल भेज ही दिया। जिसकी वजह से कई अधिवक्ता नाखुश नजर आ रहे थे। इसके बावजूद भी कोर्ट के आदेश का सम्मान किया गया। मौके पर कई वरीय अधिवक्ताओं ने कहा कि मामले की पहले जानकारी नहीं थी। जिसकी वजह से आज एक अधिवक्ता को जेल जाना पड़ा। वरना मामले का निपटारा करा लिया जाता।
