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नवगछिया को राज्य का 39 वां जिला का दर्जा क्यों नहीं?


नवगछिया कचहरी परिसर स्थित अधिवक्ता संघ भवन में शनिवार को प्रस्तावित जिला निर्माण समिति की सर्वदलीय बैठक हुई । जिसकी अध्यक्षता भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश भगत ने की। जिसका संचालन अधिवक्ता देवेन्द्र कुमार सिंह ने किया। मौके पर संयोजक सत्येन्द्र नारायण चौधरी 'कौशल' के अलावा अधिवक्ता विभाष प्रसाद सिंह, गोपाल सिंह, शिव कुमार प्रसाद सिंह, कैलाश प्रसाद यादव, थोक कपड़ा व्यवसायी दयाराम चौधरी, अभाविप के अजय कुमार सिंह, भाजपा के गोपालपुर प्रखण्ड अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह, बिनोद मंडल, राजद के राज किशोर यादव, कांग्रेस के पूर्व प्रखण्ड अध्यक्ष गोपालपुर शंकर सिंह अशोक, कई दलों के लोगों की मौजूदगी देखी गयी।
मौके पर सभी वक्ताओं ने कहा कि नवगछिया को जिला नहीं बनाना यहा की जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा है। जिसके लिए अब कमर कस कर लड़ायी लड़नी होगी। चाहे इसके लिए बाजार हड़ताल या चक्का जाम करना पड़ेगा तो वह भी करेंगे। वहीं अधिवक्ता विभाष प्रसाद सिंह ने सभी मोबाइल धारकों से अनुरोध कर कहा कि इस मांग के लिए विधान सभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को रोजाना सभी मोबाइल धारक नवगछिया को पूर्ण जिला बनाने के लिए एक एक एसएमएस जरूर भेजें।
वहीं संयोजक ने मौजूद लोगों से प्रश्न किया कि एक अनुमंडल वाले लक्खीसराय, खगड़िया, जहानाबाद, अरवल, बांका और जमुई को जब जिला बनाया जा सकता है तो नवगछिया के साथ सौतेला व्यवहार क्यों? जब पाँच प्रखण्ड वाले अरवल और शिवहर को जिला बनाया जा सकता है तो नवगछिया को राज्य का 39 वां जिला का दर्जा क्यों नहीं? जबकि 1992 में ही नवगछिया को पुलिस जिला बनाया गया था।